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Shukra Vakri 2025: मार्च में इस दिन शुक्र होंगे वक्री, इन राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन, जानें आपकी राशि पर क्या होगा असर?

Shukra Vakri 2025 and Horoscope: मार्च में शुक्र वक्री होने वाले हैं, जिसका भी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप से प्रभाव पड़ेगा। तो यहां जानिए कि शुक्र वक्री आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा।

शुक्र वक्री 2025- India TV Hindi
Image Source : FILE IMAGE शुक्र वक्री 2025

Shukra Vakri 2025: 2 मार्च को सुबह 6 बजकर 6 मिनट पर शुक्र मीन राशि में वक्री होंगे। इसके बाद शुक्र 13 अप्रैल तक मीन राशि में ही गोचर करेंगे, उसके मार्गी हो जाएंगे यानि सीधी गति से गोचर करने लगेंगे। शुक्र के मीन राशि में वक्री से विभिन्न राशि वालों पर अलग-अलग प्रभाव होगा। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि किस राशि के लोगों को शुक्र के इस वक्री गोचर से क्या फल मिलेगा। साथ ही जानें कि शुक्र उनके किस स्थान पर वक्री हुए है और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिए क्या उपाय करना चाहिए।

मेष राशि 

शुक्र आपके बारहवें स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान का संबंध आपके व्यय तथा शय्या सुख से है। शुक्र के इस गोचर से आपको हर प्रकार के सुख की प्राप्ति होगी। आपको शैय्या सुख मिलेगा। आप एक अच्छे कवि होंगे। साथ ही नौकरी से आपको लाभ मिलेगा। आपको अपने जीवनसाथी से जरूरत के वक्त पूरी मदद मिलेगी। इसके अलावा आपको संतान का सुख भी मिलेगा। लिहाजा शुक्र के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए घर की महिला अपने हाथों से एक नीला फूल लेकर कहीं विराने में दबाएं।

वृष राशि 

शुक्र आपके ग्यारहवें स्थान पर वक्री हुये है। जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान का संबंध हमारे आय तथा इच्छाओं की पूर्ति से होता है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से इस दौरान आपकी कोई इच्छा पूरी होगी। धन लाभ के नए नए स्त्रोत मिलेंगे। आप दूसरों से छिपकर कार्य करने की कोशिश करेंगे। अपने काम करवाने के लिए हर पैतरा अजमाने की कोशिश करेंगे। दांपत्य जीवन बेहतरीन रहेगा। लिहाजा शुक्र के शुभ फल बनाये रखने के लिए मंदिर में रूई का दान करें।

मिथुन राशि  

शुक्र आपके दसवें स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका के दसवें स्थान का संबंध हमारे करियर, राज्य तथा पिता से होता है। शुक्र के इस गोचर से आपको करियर में अपनी मेहनत के अनुसार फल प्राप्त होंगे।आपके पिता की तरक्की भी आपकी मेहनत पर ही डिपेंड करती है। हालांकि इस दौरान धन के प्रति आप थोड़े लालची प्रवृत्ति के बने रहेंगे। तो शुक्र के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए मंदिर में दही या दही से बनी चीजों का दान करें।

कर्क राशि  

शुक्र आपके नवें स्थान पर वक्री हुये है। जन्मपत्रिका के नौवें स्थान का संबंध हमारे भाग्य से होता है। शुक्र के इस गोचर से आपका भाग्योदय निश्चित है। लक आपके पूरी तरह से साथ रहेगा। आपके भाग्य का
सितारा चमकता रहेगा। आपको संतान का सुख मिलेगा। आपको धन लाभ के अवसर प्राप्त होंगे, लेकिन अपनी मेहनत के बल पर ही आप सब कुछ हासिल कर पाएंगे। बाकी आपकी बौद्धिक क्षमता अच्छी होगी। लिहाजा शुक्र के शुभ फल बनाये रखने के लिए घर के अंदर कच्ची जगह पर और अगर घर में कच्ची जगह न हो तो घर के बाहर जमीन में थोड़ा सा शहद दबाएं। 

सिंह राशि  

शुक्र आपके आठवें स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका के आठवें स्थान का संबंध हमारे आयु से है। शुक्र के इस गोचर से पारिवारिक माहौल को नियंत्रण करने में आपको मेहनत करनी पड़ेगी। इस दौरान आपको घर के बुजुर्गों का और साथ ही अपने जीवनसाथी के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना चाहिए। आपको पैसों के मामलों में भी सावधान रहना चाहिए। लिहाजा शुक्र के अशुभ फलों से बचने के लिए अपने जीवनसाथी के भार के समान ज्वार मंदिर में दान करें। अगर उतना न कर सके तो भार के दसवें हिस्से के बराबर ज्वार का दान मंदिर में करें। 

कन्या राशि 

शुक्र आपके सातवें स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का संबंध हमारे जीवनसाथी से है। शुक्र के इस गोचर से जीवनसाथी के साथ आपके रिश्ते अच्छे बने रहेंगे। आपके साथ आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। दूसरों के प्रति आपका स्वभाव नरम बना रहेगा। आप हर तरह से सुखी होंगे। साथ ही इस राशि के बुजुर्गों को धन लाभ मिलेगा। आपको पारिवारिक सहयोग मिलेगा। आपको इस दौरान कहीं बाहर यात्रा पर जाना पड़ सकता है। लिहाजा शुक्र के इन सब शुभ फलों की प्राप्ति के लिए शुक्रवार के दिन मंदिर में कांसे का बर्तन दान करें।

तुला राशि 

शुक्र आपके छठे स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका के छठे स्थान का संबंध हमारे मित्र, शत्रु तथा स्वास्थ्य से है। शुक्र के इस गोचर से आपके दोस्तों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। साथ ही आपको अपने कामों में दोस्तों का सहयोग मिलेगा। आपको शुभ फलों की प्राप्ति के कई मौके मिलेंगे। इस दौरान स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा। आपको सांसारिक सुखों की प्राप्ति होगी। लेकिन इस दौरान शत्रु पक्ष से आपको सावधान रहने की जरूरत है। लिहाजा शुक्र के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए घर की महिला अपने बालों में सोने का या गोल्डन कलर का हेयर क्लिप लगाकर रखे। 

वृश्चिक राशि 

शुक्र आपके पांचवें स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका के पांचवें स्थान का संबंध हमारे संतान, बुद्धि, विवेक और रोमांस से है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से आपके परिवार में बढ़ोतरी होगी। इस दौरान पढ़ाई लिखाई में आपकी बौद्धिक क्षमता ठीक बनी रहेगी। धर्म में आपकी रुचि बढ़ेगी। शत्रु पक्ष आपसे दूरी बनाकर रहेंगे। साथ ही आपके कार्य सामान्य रूप से बनते रहेंगे। लिहाजा शुक्र के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए गाय की सेवा करें। साथ ही मंदिर में दूध का दान करें। 

धनु राशि  

शुक्र आपके चौथे स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का संबंध हमारे भवन, भूमि, वाहन तथा माता से है। शुक्र के इस गोचर से आपको धन लाभ होगा। आपको भूमि, भवन और वाहन का सुख मिलेगा। इस दौरान आपकी मुलाकात या आपकी दोस्ती ऐसे लोगों से हो सकती है, जो आराम पसंद और हरफनमौला हो। ऐसे लोग आपके आसपास ही नजर आयेंगे। आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। शुक्र के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए एक चुटकी हल्दी लेकर कुएं में डालें।

मकर राशि 

शुक्र आपके तीसरे स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान का संबंध हमारे पराक्रम, भाईबहन तथा यश से है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से भाई बहन से सहयोग आपको मिलता रहेगा। इस बीच अगर आप किसी तीर्थ यात्रा पर जायेंगे तो आपको शुक्र के शुभ फलों की प्राप्ति होगी। आपके हाथ में मिट्टी भी सोना बनती नजर आएगी। तो शुक्र के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए सभी महिलाओं का सम्मान करें और रिश्ते में जो महिलाएं आपसे बड़ी हैं, उनका आशीर्वाद लें।

कुंभ राशि 

शुक्र आपके दूसरे स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान का संबंध हमारे धन तथा स्वभाव से है। शुक्र के इस गोचर से आपको खूब धन लाभ होगा। आपको जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाकर रखने की जरूरत है। इस दौरान आपको अपना व्यवहार ठीक बनाये रखना चाहिए। साथ ही शुक्र के अशुभ फलों से बचने के लिए और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए दो किलो उबले हुए आलू हल्दी से पीले करके गाय को खिलाएं।

मीन राशि  

शुक्र आपके पहले स्थान, यानि लग्न स्थान पर वक्री हुए हैं। जन्मपत्रिका में लग्न यानि पहले स्थान का संबंध हमारे शरीर तथा मुख से है। शुक्र के इस गोचर से लवमेट के साथ आपके रिश्ते में मजबूती आएगी। आपको आर्थिक रूप से लाभ मिलता रहेगा। आप आराम पसंद होंगे। इस दौरान आपको अपने पारिवारिक रिश्तों में मजबूती बनाये रखनी चाहिए। लिहाजा शुक्र के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए गुड़ का सेवन करने से बचें।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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