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Surya Grahan Kab Hai 2025: जल्द लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, मेष समेत 3 राशियों के लिए है भारी, बड़ी दुर्घटना की है संभावना

Surya Grahan Kab Hai 2025: चंद्र ग्रहण के बाद अब साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। पितृ पक्ष के आखिरी दिन पर ही ये ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिष अनुसार इस ग्रहण से तीन राशियों को बेहद सतर्क रहना होगा।

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Image Source : CANVA सूर्य ग्रहण कब लग रहा है

Surya Grahan 2025: साल 2025 का आखिरी ग्रहण एक खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा जो आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को लगेगा। ग्रहण की शुरुआत 21 सितंबर 2025 की रात्रि 22:59 बजे से होगी और समाप्ति मध्य रात्रि में 03:23 बजे होगी। यह सूर्य ग्रहण न्यूजीलैंड, फिजी, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया में प्रमुखता से दिखाई देगा। ज्योतिष अनुसार ये ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है। चलिए अब जानते हैं साल का आखिरी सूर्य ग्रहण किन राशियों के लिए भारी रहेगा।

मेष राशि

मेष राशि वालों को करियर में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी आ सकती हैं। रिश्तों में भी कड़वाहट आने की संभावना है। गलतफहमी का शिकार हो सकते हैं। किसी करीबी से धोखा मिल सकता है। इस अवधि में बेहद सतर्क रहने की जरूरत होगी।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए भी साल का आखिरी सूर्य ग्रहण हानिकारक साबित हो सकता है। आपको करियर में समस्याएं आ सकती हैं। आर्थिक स्थिति में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। बेवजह की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। किसी भी काम में बेहद सावधानी बरतनी होगी। स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहना होगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए भी ये सूर्य ग्रहण परेशानियां बढ़ाने का काम करेगा। लव लाइफ में धोखा मिल सकता है। किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा करने से बचें। धन हानि होने की प्रबल संभावना है ऐसे में सतर्क रहें। किसी भी काम में जल्दबाजी न करें।

सूर्य ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के उपाय

सूर्य ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें इससे ग्रहण के बुरे प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आप सूर्य देव के इस मंत्र का जाप जरूर करें: "ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो: सूर्य: प्रचोदयात्।" इससे ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचाव होगा। ग्रहण समाप्ति के बाद दान भी अवश्य करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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