1. Hindi News
  2. धर्म
  3. इस अमावस्या पर लगेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, जानें भारत में दिखेगा या नहीं, नोट कर लें टाइमिंग

इस अमावस्या पर लगेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, जानें भारत में दिखेगा या नहीं, नोट कर लें टाइमिंग

इन दिनों सूर्य ग्रहण को लेकर काफी सर्च किया जा रहा है। दरअसल ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि आज यानी 14 जुलाई 2026 को अमावस्या मनाई जा रही है। जैसा कि सभी जानते हैं कि सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन ही लगता है। लेकिन यहां ये भी स्पष्ट कर दें कि हर अमावस्या पर ग्रहण नहीं होता है।

surya grahan- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV अमावस्या पर लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण

आज 14 जुलाई 2026 को आषाढ़ अमावस्या मनाई जा रही है। जब भी कोई अमावस्या पड़ती है तब-तब लोग सूर्य ग्रहण के बारे में सर्च करना शुरू कर देते हैं। दरअसल ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सूर्य ग्रहण की घटना अमावस्या के दिन ही घटित होती है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भले ही सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन लगता है लेकिन प्रत्येक अमावस्या पर ग्रहण नहीं होता है। बता दें सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है जो तब होती है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है और ऐसा संयोग अमूमन साल में दो ही अमावस्या पर बनता है। चलिए अब जान लेते हैं कि किस अमावस्या पर साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगेगा।

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण किस अमावस्या पर लग रहा है?

साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लग चुका है और अब 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ये सूर्य ग्रहण श्रावण अमावस्या पर लगेगा। ये एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस दौरान धरती के कुछ हिस्सों में दिन के समय ही अंधेरा छा जाएगा। हालांकि ऐसा कुछ ही मिनटों के लिए होगा।

12 अगस्त 2026 को सूर्य ग्रहण की टाइमिंग

भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण की शुरुआत 12 अगस्त की रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी और इसका समापन 13 अगस्त की सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर होगा। 

भारत में सूर्य ग्रहण दिखेगा या नहीं?

12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इसी कारण से यहां इसका कोई धार्मिक प्रभाव भी नहीं पड़ेगा और न ही इसका सूतक मान्य होगा। बता दें ये ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा।

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखेगा?

  • 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण अधिकांश यूरोपीय देशों कनाडा, रूस के उत्तर पूर्वी क्षेत्र और उत्तर पश्चिम अफ्रीका के देश में दिखाई देगा।
  • खग्रास रूप से ये ग्रहण ग्रीनलैंड, उत्तरी स्पेन, अटलांटिक महासागर, पुर्तगाल, आइसलैंड, आर्कटिक में दिखेगा।
  • खंड ग्रास के रूप में ये ग्रहण फ्रांस, ब्रिटेन और यूरोप के अधिकतर देशों में दिखाई देगा।

हर अमावस्या पर सूर्य ग्रहण क्यों नहीं लगता है?

ये सवाल अक्सर हर किसी के मन में आता है। तो आपको बता दें कि हर अमावस्या पर सूर्य ग्रहण इसलिए नहीं लगता है क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी के घूमने के कक्षीय तल की तुलना में लगभग 5.14° तक झुकी होती है। यही वजह है कि ज्यादातर अमावस्याओं के दौरान, चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बिल्कुल बीच में आने के बजाय थोड़ा ऊपर या फिर नीचे से ही गुजर जाता है। लेकिन किसी-किसी अमावस्या पर ऐसा संयोग बनता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। ऐसा साल में अमूमन दो बार ही होता है। लेकिन जिस दिन ऐसी स्थिति बनती है उसी दिन पृथ्वी पर सूर्य ग्रहण दिखाई देता है।

यह भी पढ़ें:

आषाढ़ अमावस्या पर 5 मंत्रों का जप करना शुभ, दूर हो सकते हैं सभी ग्रह दोष