अमावस्या तिथि को धार्मिक रूप से बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान के साथ ही दान-पुण्य भी लोग करते हैं। साथ ही इस दिन कुछ मंत्रों का जप करने से भी आपको शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। 14 जुलाई को आषाढ़ माह की अमावस्या तिथि है और अगर इस दिन आप नीचे दिए गए मंत्रों का जप करते हैं तो ग्रह दोष से आप मुक्त हो सकते हैं। साथ ही पितृदोष से भी मुक्ति आपको इन मंत्रों का जप करने से मिल सकती है।
अमावस्या के दिन करें इन मंत्रों का जप
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
भगवान विष्णु के इस मंत्र का जप आपको आषाढ़ अमावस्या के दिन करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से घर में सकारात्मकता आती है और कुंडली में मौजूद ग्रह भी शुभ फल देने लगते हैं। अगर कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति खराब है तो यह मंत्र आपको बेहद शुभ परिणाम दे सकता है। इस मंत्र का जप करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है आपके जीवन में सुख-वैभव आता है।
ॐ नमः शिवाय
भगवान शिव के ऊपर दिए गए मंत्र का जप भी आप अमावस्या के दिन कर सकते हैं। इस मंत्र का जप करने से चंद्र ग्रह मजबूत होता है साथ ही भगवान शिव का भी आपको आशीर्वाद प्राप्त होता है।
ॐ शं शनैश्चराय नमः
शनि देव के इस मंत्र का जप करने से शनि ग्रह के साथ ही राहु और केतु के दुष्प्रभाव भी दूर होते हैं। इसलिए आषाढ़ अमावस्या पर आप भी इस मंत्र का जप कर सकते हैं। इस मंत्र का जप करने के लिए सूर्यास्त के बाद का समय सबसे शुभ रहेगा।
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
गायत्री मंत्र का जप करना भी अमावस्या तिथि पर शुभ माना जाता है। इस मंत्र का जप करने से आपको बल-बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। साथ ही ग्रह नक्षत्रों की प्रतिकूल स्थिति को अनुकूल करने में भी यह मंत्र सक्षम माना गया है।
ॐ पितृभ्यः नमः
अमावस्या तिथि को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए भी शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों का स्मरण करते हुए आपको नीचे दिए गए मंत्र का जप करना चाहिए साथ ही आप आषाढ़ अमावस्या पर दान भी पितरों के निमित्त कर सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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