Highlights
- हूती विद्रोहियों ने सऊदी के अभा एयरपोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।
- अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में नई नाकेबंदी की घोषणा की।
- बढ़ते सैन्य तनाव से तेल बाजार, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापार पर चिंता गहराई।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग अब मिडिल ईस्ट के अन्य इलाकों मे भी फैलने लगी है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। हूती नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हवाई हमलों के जवाब में की गई है, जिनके लिए उन्होंने सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में ईरान के खिलाफ फिर से नाकेबंदी लागू करने और सुरक्षित समुद्री रास्ते के बदले अन्य देशों के जहाजों से शुल्क लेने की घोषणा की है। ईरान ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि होर्मुज की सुरक्षा और संचालन उसका अधिकार है। दोनों देशों के बीच हाल के दिनों में समुद्री हमलों और जवाबी सैन्य कार्रवाई का सिलसिला तेज हुआ है। इस तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखा और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।
इस बीच अमेरिका ने ईरान के साथ जारी संघर्ष में अपने सैन्य नुकसान के नए आंकड़े जारी किए हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार अब तक 14 सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से ज्यादा सैनिक घायल हुए हैं। क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों, जवाबी कार्रवाइयों और बढ़ते तनाव से पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो इसका असर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर और गंभीर हो सकता है। मध्य-पूर्व में जारी जंग से जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें: