सामुद्रिक शास्त्र में शरीर के अंगों की बनावट, रंग और शुभ-अशुभ चिन्हों के आधार पर भविष्यवाणी की जाती है। आज हम आपको बताएंगे कि महिलाओं के कैसे पैर उनके सौभाग्यशाली होने का संकेत देते हैं। क्या आप जानते हैं कि महिलाओं के पैर के तलुए देखकर आप उनके जीवन से जुड़ी कई विशेष जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। चलिए जानते हैं सामुद्रिक शास्त्र में महिलाओं के पैरों के कौन से शुभ-अशुभ लक्षणों के बारे में बताया गया है।
महिलाओं के पैरों के शुभ लक्षण
- जिन महिलाओं के तलुए चिकने, कोमल, बराबर और हल्के लाल रंग के होते हैं, तो ऐसी स्त्रियां अत्यंत भाग्यशाली मानी जाती हैं। इनके जीवन में धन-ऐश्वर्य की कभी कमी नहीं होती।
- जिन महिलाओं के पैरों के नाखून पतले हों और पैरों की उंगलियां आपस में जुड़ी हुई हों, तो ये भी शुभ लक्षण माना जाता है।
- महिलाओं के पैरों के टखने (Ankles) मांसल हों और उनकी हड्डियां बाहर दिखाई न दें, तो यह सुखी जीवन का संकेत माना जाता है।
- जिस स्त्री के तलुओं में चक्र, कमल, ध्वज, स्वस्तिक, मछली, अंकुश, यव, वज्र, हल, तलवार या माला जैसे चिन्ह होते हैं, ऐसी स्त्री राजयोग का सुख प्राप्त करती है। साथ ही ऐसी स्त्रियों का विवाह उच्च पदाधिकारियों या वैभवशाली पुरुषों के साथ होता है।
- यदि किसी स्त्री के पैर में तर्जनी उंगली की ओर जाने वाली रेखा स्पष्ट हो, तो शीघ्र विवाह के संकेत मिलते हैं। साथ ही ऐसी स्त्री को बेहद प्रेम करने वाला साथी प्राप्त होता है।
- बता दें स्त्रियों के दाहिने पैर के तलुए का फड़कना शुभ माना जाता है।
पैरों के अशुभ लक्षण
- सामुद्रिक शास्त्र अनुसार स्त्री के पैरों के तलुओं का खुरदरा, रूखा या उनमें पसीना आना अशुभ लक्षण माना जाता है।
- यदि तलुए का रंग काला हो तो यह दुर्भाग्य का संकेत माना जाता है और वहीं अगर रंग बहुत अधिक सफेद हो तो यह जीवन में दुख मिलने का संकेत देता है।
- यदि तलुए सूप की आकृति के हों या टेढ़े-मेढ़े हों और उनमें नसे काफी ज्यादा उभरी हुआ हों तो ये दरिद्रता और कष्ट का प्रतीक है।
- बाएं पैर की अनामिका और सबसे छोटी उंगली के नाखूनों पर दाग होना कष्टदायी जीवन का संकेत देता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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