आज की व्यस्त जिंदगी में घर के काम करने का कोई तय समय नहीं रह गया है। कई लोग सुबह समय न मिलने पर रात में कपड़े धोना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपने जानते हैं कि कपड़े धोने का असर घर की ऊर्जा पर हो सकता है? वास्तु शास्त्र में घर के कामों के लिए सही समय और दिशा का महत्व बताया गया है। इसी आधार पर कपड़े धोने के लिए भी सुबह का समय सबसे बेहतर माना जाता है। वहीं, शाम और रात के समय इस काम को करने से बचने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं इसके पीछे क्या मान्यता है।
सुबह क्यों माना जाता है शुभ
वास्तु शास्त्र अनुसार सुबह का समय सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा होता है। सूर्योदय के बाद वातावरण में रोशनी और ताजगी रहती है, इसलिए इस समय कपड़े धोना अच्छा माना जाता है। इसका एक व्यावहारिक फायदा भी है। सुबह धोए गए कपड़ों को दिनभर धूप और ताजी हवा मिलती है, जिससे वे अच्छी तरह सूख जाते हैं।
सुबह न मिले समय तो
हर किसी के लिए सुबह कपड़े धोना संभव नहीं होता। अगर आपकी दिनचर्या काफी व्यस्त है तो दोपहर का समय भी चुना जा सकता है। दिन के इस हिस्से में धूप पर्याप्त तेज रहती है, जिससे कपड़े जल्दी सूख सकते हैं। इसलिए सुबह के बाद दोपहर को कपड़े धोना बेहतर विकल्प माना जाता है।
सूर्यास्त के बाद क्यों बचें
वास्तु में सूर्यास्त के बाद कपड़े धोने को शुभ नहीं माना गया है। इसके पीछे एक वजह रात के समय सकारात्मक प्राकृतिक ऊर्जा का कम होना भी माना जाता है। मान्यता है कि इस समय धोए गए कपड़ों में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव रह सकता है।
रात में नमी बन सकती है परेशानी
रात में कपड़े धोने से कपड़ों को पर्याप्त धूप और हवा न मिले तो वे देर से सूखते हैं। लंबे समय तक नमी रहने से कपड़ों में दुर्गंध आ सकती है। वास्तु शास्त्र में भी नमी और गंदगी को नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए रात में कपड़े धोने के लिए मना किया जाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
वास्तु मान्यताओं में घर में साफ सफाई का सीधा संबंध सकारात्मक वातावरण से माना जाता है। ऐसे में गीले कपड़ों को लंबे समय तक कमरे के अंदर या अंधेरे स्थान पर रखने से बचना चाहिए। वास्तु अनुसार कपड़े धोने के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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