बहुत से लोगों की अलमारी में कपड़े बिखरे पड़े होते हैं। कई लोगों से पास इतने पुराने कपड़े रखे रहते हैं, जो इस्तेमाल नहीं होते और केवल जगह घेरते हैं। वास्तु और ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार अलमारी में सालों से रखे पुराने-फटे या बेतरतीब कपड़े घर की सकारात्मक ऊर्जा पर बुरा असर डाल सकते हैं। अलमारी में बिखरे और बेकार कपड़े राहु की नकारात्मकता बढ़ा सकते हैं। इसलिए कपड़ों को सलीके से रखना जरूरी माना जाता है। जानें इस लेकर क्या कहते हैं वास्तु और ज्योतिष शास्त्र।
राहु पर पड़ता है असर
अगर अलमारी में कपड़े बिखरे हुए हों या लंबे समय तक गंदे और बिना उपयोग के पड़े रहें, तो इससे घर का ऊर्जा संतुलन प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति राहु की नकारात्मकता को बढ़ाती है।
समय-समय पर करें सफाई
विशेषज्ञों के अनुसार हर 3 से 6 महीने में अलमारी की जांच करनी चाहिए। जिन कपड़ों का लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है, उन्हें अलग कर दें। पहनने योग्य कपड़े, जिन्हें आप उपयोग नहीं करते जरूरतमंद लोगों को दान करें। वहीं पूरी तरह खराब हो चुके कपड़ों का सही तरीके से निस्तारण करें।
गंदे तौलिये भी बढ़ाते हैं नकारात्मकता
कई दिनों तक एक ही गंदे तौलिये, चादर या बिस्तर का उपयोग करना भी शुभ नहीं माना जाता। इसलिए कपड़ों के साथ-साथ तौलिये और बिस्तर को भी साफ रखना चाहिए। अलमारी में हमेशा कपड़ों को तह लगाकर व्यवस्थित रखें।
ग्रहों से जुड़ा है वस्त्रों का संबंध
वैदिक ज्योतिष में रंगीन कपड़ों का संबंध अलग-अलग ग्रहों से बताया गया है। जैसे पीला रंग- गुरु, सफेद रंग-चंद्र और शुक्र, लाल रंग-मंगल, हरा रंग बुध और काला, गहरा नीला रंग-शनि का प्रतीक होता है। मान्यता है कि बेकार पड़े कपड़ों में ऊर्जा स्थिर हो जाती है, जिससे आपके घर का अच्छा माहौल प्रभावित हो सकता है।
पुराने कपड़ों का न करें गलत इस्तेमाल
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार फटे या पुराने कपड़ों से घर या फर्नीचर की सफाई करना सही नहीं होता। ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां बढ़ने की आशंका बताई जाती है। वहीं अलमारी को पुराने और अनुपयोगी कपड़ों का गोदाम बनाने से भी बचें।
दान करते समय रखें ये सावधानी
अगर पुराने कपड़े किसी जरूरतमंद को दान करना चाहते हैं, तो यह ध्यान रखें कि वे साफ, बेदाग और उपयोग योग्य हों। गंदे या फटे कपड़े दान नहीं करने चाहिए। कुछ ज्योतिषाचार्य कपड़ों को दान से पहले नमक के पानी से धोने की भी सलाह देते हैं, ताकि उनसे जुड़ी नकारात्मकता दूर हो सके।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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