ऑस्ट्रेलियाई टीम जहां ओवल में भारत के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला खेल रही है। वहीं फील्ड के बाहर ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों की लगातार मौजूदा फाइनल और आगामी एशेज सीरीज को लेकर बयानबाजियां जारी हैं। इसी कड़ी में एक दिग्गज ने इंग्लैंड की मशहूर Bazball तकनीक पर सवाल उठाते हुए उसे चेतावनी दी है। उनका कहना है कि, यह रणनीति हमेशा सफल नहीं हो सकती कभी ना कभी दांव उल्टा पड़ सकता है। हालांकि, भारत के खिलाफ फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के भी कुछ बल्लेबाजों ने इसी तकनीक से बल्लेबाजी की थी।
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने एशेज सीरीज से पहले इंग्लैंड को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनके पास हर कीमत पर जीत के लिए कोई वैकल्पिक योजना नहीं है तो उनकी ‘बाजबॉल’ रणनीति उल्टी पड़ सकती है। गौरतलब है कि कोच ब्रेंडन मैकुल्लम और कप्तान बेन स्टोक्स के नेतृत्व में इंग्लैंड ने ‘बाजबॉल’ रणनीति की मदद से पिछले 13 में से 11 टेस्ट मैच जीते है। इस रणनीति के तहत इंग्लैंड के बल्लेबाज टेस्ट मैचों में भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हैं।
यह कदम हमेशा काम नहीं करेगा...
इसको लेकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ का मानना है कि यह कदम हमेशा काम नहीं करेगा। उन्होने ‘क्रिकेट.कॉम.एयू’ से कहा कि, ‘बाजबॉल’ रणनीति पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। टीम की वैकल्पिक योजना क्या है? अगर उनके पास वैकल्पिक योजना नहीं है तो यह हमेशा कारगर नहीं होगा। इंग्लैंड ने दिखाया है कि वे क्रिकेट की इस शैली को आगे बढ़ाने के लिए काफी अच्छे हैं, लेकिन विश्व स्तरीय गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ उनकी असली परीक्षा होगी। ऐसी गेंदबाजी आक्रमण ऑस्ट्रेलिया के पास है।
पिछले एक साल में बदली इंग्लैंड की टेस्ट टीम की तस्वीर
इंग्लैंड की टीम पिछले कुछ समय से शानदार फॉर्म में है। या फिर कहें जब से बेन स्टोक्स ने कप्तानी और मैकुल्लम ने हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली है तब से। इंग्लैंड की टीम इस बार एशेज सीरीज में फेवरिट नजर आ रही है। इसकी शुरुआत 16 जून से होगी। पांच टेस्ट की एशेज श्रृंखला 31 जुलाई तक खेली जाएगी। इस बार इंग्लैंड में इसका आयोजन हो रहा है। पिछली बार ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को मात दी थी। उस वक्त जो रूट कप्तान थी। इंग्लैंड की टीम उस वक्त अपने प्रदर्शन से जूझ रही थी। बाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ भी टीम सीरीज हारी और तब रूट ने इस्तीफा दे दिया था। फिर कप्तान बदले, मैनेजमेंट बदला और टीम का तेवर भी बदला। जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
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