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पूर्व तेज गेंदबाज का 36 साल की उम्र में निधन, जिम्बाब्वे क्रिकेट ने जारी किया बयान

जिम्बाब्वे की पूर्व तेज गेंदबाज और इंटरनेशनल अंपायर सारा डाम्बानेवाना का हरारे में 36 साल की उम्र में निधन हो गया। वह मार्च में मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने के बाद से अस्पताल में भर्ती थीं।

Zimbabwe - India TV Hindi
Image Source : AFP जिम्बाब्वे क्रिकेट

जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए सोमवार को दुखद खबर सामने आई। जिम्बाब्वे की पूर्व तेज गेंदबाज और इंटरनेशनल अंपायर सारा डाम्बानेवाना का हरारे में निधन हो गया। वह महज 36 साल की थीं। खिलाड़ी के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने वाली सारा ने अंपायरिंग में भी अपनी अलग पहचान बनाई और वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अपनी जिम्मेदारी निभाई। जिम्बाब्वे क्रिकेट की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सारा मार्च में एक मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने के बाद से अस्पताल में भर्ती थीं, जहां उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, उनके निधन की वजह को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। NPL T20 ब्लॉस्ट मैचों की शुरुआत से पहले सारा डाम्बानेवाना के सम्मान में एक मिनट का मौन भी रखा गया।

वर्ल्ड कप में निभाई अंपायर की भूमिका

सारा का इंटरनेशनल अंपायरिंग करियर 2 सितंबर 2023 को शुरू हुआ था। इसके बाद उन्होंने महिला T20 वर्ल्ड कप 2024 में संयुक्त अरब अमीरात और महिला ODI वर्ल्ड कप 2025 में भारत और श्रीलंका में अंपायर की भूमिका निभाई। 2025 के महिला ODI वर्ल्ड कप में वह टूर्नामेंट के इतिहास के पहले पूरी तरह महिला अंपायरों वाले पैनल का हिस्सा भी रहीं।

इससे पहले सारा ने साउथ अफ्रीका में खेले गए 2023 अंडर-19 महिला T20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत और इंग्लैंड के मुकाबले में अंपायरिंग की थी। इसके साथ ही वह किसी वर्ल्ड कप फाइनल में अंपायरिंग करने वाली जिम्बाब्वे की पहली महिला बनी थीं। यह उपलब्धि उनके देश के क्रिकेट इतिहास में खास जगह रखती है।

5 सालों तक जिम्बाब्वे के लिए खेला क्रिकेट

सारा ने अपने इंटरनेशनल अंपायरिंग करियर में कुल 63 मुकाबलों में जिम्मेदारी संभाली। इनमें 42 महिला T20I, 11 महिला ODI और 10 पुरुष T20I मैच शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने घरेलू क्रिकेट और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय युवा टूर्नामेंटों में भी अंपायरिंग की। साल 2022 में उन्हें ICC के अंपायर डेवलपमेंट पैनल में शामिल किया गया था। अंपायर बनने से पहले सारा ने जिम्बाब्वे की ओर से क्रिकेट खेला था। वह 2009 से 2014 तक देश की नेशनल टीम का हिस्सा रहीं और 2011 में वर्ल्ड कप क्वालीफायर टूर्नामेंट में भी जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व किया।

जिम्बाब्वे क्रिकेट के अध्यक्ष तवेंगवा मुकुहलानी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि सारा ने पहले खिलाड़ी और फिर अंपायर के रूप में जिम्बाब्वे की शानदार सेवा की। उनकी प्रतिभा ने उन्हें इंटरनेशनल मंच तक पहुंचाया। वर्ल्ड कप फाइनल में उन्हें अंपायरिंग करते देखना हमारे क्रिकेट समुदाय और देश के लिए गर्व का क्षण था। उन्होंने जिम्बाब्वे की युवा महिलाओं को दिखाया कि वे खेल के उच्चतम स्तर तक पहुंच सकती हैं, उन भूमिकाओं में भी जहां लंबे समय तक अवसर सीमित रहे थे।

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