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क्या एशेज में हो पाएगी वापसी? मार्नश लाबुशेन का सिलेक्शन को लेकर बड़ा बयान

एशेज 2025 का 21 नवंबर से आगाज होगा। एशेज में अभी एक महीने से ज्यादा का वक्त बचा हुआ है। ऐस में मार्नश लाबुेशन का बड़ा बयान सामने आया है।

Marnus Labuschagne- India TV Hindi
Image Source : PTI मानर्श लाबुेशन

ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन ने कहा है कि अगर उन्हें एशेज सीरीज के लिए टीम में मौका मिलता है, तो वे टीम की जरूरत के अनुसार किसी भी पोजिशन पर बल्लेबाजी करने को तैयार हैं। ऑस्ट्रेलिया इस समय अनुभवी उस्मान ख्वाजा के साथ एक स्थायी ओपनर की तलाश में है और लाबुशेन इस भूमिका को निभाने के लिए भी पूरी तरह तैयार दिख रहे हैं। 31 साल के लाबुशेन ने स्वीकार किया कि पिछले तीन साल उनके लिए टेस्ट क्रिकेट में कठिन रहे, जिसके चलते उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज से बाहर कर दिया गया था और अब वे इस साल की एशेज सीरीज से भी चूक सकते हैं। लेकिन हाल के घरेलू प्रदर्शन ने उनके करियर में नई जान फूंक दी है। उन्होंने तीन लिस्ट ए मैचों और दो शेफील्ड शील्ड मुकाबलों में पांच पारियों में चार शतक जड़कर शानदार फॉर्म हासिल की है।

किसी भी पॉजिशन पर खेलने को तैयार

फॉक्स क्रिकेट से बातचीत में लाबुशेन ने कहा कि सेलेक्टर्स और कोच उन्हें जहां भी बल्लेबाजी करने को कहेंगे, वह उस पॉजिशन पर खेलने के लिए तैयार होंगे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए ज्यादातर अपने करियर में नंबर 3 पर बल्लेबाजी की है, लेकिन अगर टीम को मेरी जरूरत किसी और पोजिशन पर है, तो वह तैयार हैं। एशेज उनके दिमाग में है, लेकिन उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपने सर्वश्रेष्ठ खेल पर है। बाकी सब अपने आप हो जाएगा।

लाबुशेन ने इस घरेलू सीजन की शुरुआत 17 सितंबर से की थी और अब तक उनके स्कोर 130, 2, 160, 105, 159 और 18 रहे हैं। इन प्रदर्शनों ने उन्हें एक बार फिर से एशेज सिलेक्शन की रेस में मजबूती से खड़ा कर दिया है। खासकर जब ऑस्ट्रेलिया के अन्य शीर्ष क्रम के बल्लेबाज इस सीजन की शुरुआत में संघर्ष कर रहे हैं।

लगातार रन बनाने से मिला कॉन्फिडेंस

लाबुशेन ने माना कि खराब फॉर्म के दौरान आत्मविश्वास की कमी महसूस होती है, लेकिन लगातार रन बनाना उन्हें फिर से मजबूत बना रहा है। उन्होंने कहा कि जब आप रन बना रहे होते हैं, तो आत्मविश्वास अपने आप लौट आता है। पिछले कुछ साल कठिन रहे, लेकिन अब यह अहसास अच्छा लगता है कि आपमें अभी भी वो काबिलियत है’। चाहे आप कितने भी अच्छे बल्लेबाज हों, जब रन नहीं बनते, तो शक मन में आ ही जाता है। इसलिए उन्होंने शुरुआत से दोबारा काम करना शुरू किया, क्लब मैच खेले, प्रैक्टिस गेम्स खेले, और जितना संभव हो सका उतना क्रिकेट खेला। यही उन्हें लय में वापस लाने में मददगार रहा।

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