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छात्र आंदोलन के बीच सचिन तेंदुलकर का आया बड़ा बयान, दिवंगत पिता को याद कर दिया बड़ा संदेश

देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच सचिन तेंदुलकर का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने अपने पिता की सीख याद करते हुए बड़ा मैसेज सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

Sachin Tendulkar- India TV Hindi
Image Source : AFP सचिन तेंदुलकर

देशभर में शिक्षा सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने युवाओं के नाम एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि मेहनत, ईमानदारी और योग्यता ही किसी समाज की असली ताकत होती है। सचिन ने अपने दिवंगत पिता से मिले जीवन मूल्यों को याद करते हुए कहा कि शॉर्टकट की संस्कृति भविष्य को कमजोर करती है और समाज को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जहां मेहनत का सम्मान हो।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ 20 जुलाई को हजारों छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने के लिए सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर उन्हें रोका और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया।

सचिन तेंदुलकर ने पिता को किया याद

इस मुद्दे पर अब तक क्रिकेट जगत की चुप्पी को लेकर सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब सचिन तेंदुलकर भी खुलकर छात्रों के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लंबा संदेश साझा करते हुए लिखा कि उनके पिता एक प्रोफेसर थे और वे कई युवा छात्रों के लिए मार्गदर्शक और सलाहकार थे। उन्होंने बचपन से उन्हें सिखाया था कि असफल होना ठीक है, लेकिन धोखा देना कभी कबूल नहीं। जीवन में कभी शॉर्टकट मत अपनाओ। सचिन ने कहा कि समाज में बड़े होने के नाते, हमारी जिम्मेदारी है कि हम संस्कृति को सही दिशा दें। जो समाज मेहनत के बजाय नतीजों को ज्यादा अहमियत देता है, वह काबिलियत के बजाय शॉर्टकट को चुनता है।

युवाओं के सपनों की रक्षा करना समाज की साझा जिम्मेदारी

उन्होंने उन छात्रों की निराशा को भी समझने की बात कही, जिन्हें लगता है कि उनकी कड़ी मेहनत का उचित सम्मान नहीं मिला। सचिन ने कहा कि आज जब छात्र निराश महसूस करते हैं कि उनकी कड़ी मेहनत का फल उन्हें नहीं मिला, तो यह बात समझ में आती है। हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें दोबारा ऐसा महसूस न हो। युवा भारत सपनों और ऊर्जा से भरा हुआ है। वे हमारी सफलता का आधार हैं। एक समाज के तौर पर, माता-पिता, शिक्षकों, दोस्तों, रिश्तेदारों, स्कूलों और एडमिनिस्ट्रेटर्स समेत हम सभी की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि हम अपने युवाओं को प्रोत्साहित और ऊर्जावान बनाए रखें।

अपने संदेश के अंत में सचिन तेंदुलकर ने कहा कि हमें ऐसा माहौल तैयार करना होगा जहां कड़ी मेहनत को उसका हक मिले, ईमानदारी को प्रोत्साहन मिले और योग्यता की जीत हो। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी मिलकर ऐसा समाधान निकालेंगे जो देश के बच्चों के भविष्य को मजबूत करेगा और उनके सपनों को सुरक्षित रखेगा। उन्होंने जय हिंद के साथ अपना संदेश समाप्त किया।

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