1. Hindi News
  2. खेल
  3. क्रिकेट
  4. रिप्लेसमेंट के तौर पर हुई टीम में एंट्री, फाइनल में गेंद और बल्ले से किया कमाल, जीता ये खास अवॉर्ड

रिप्लेसमेंट के तौर पर हुई टीम में एंट्री, फाइनल में गेंद और बल्ले से किया कमाल, जीता ये खास अवॉर्ड

महिला वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में शैफाली वर्मा ने गेंद और बल्ले से जबरदस्त प्रदर्शन किया। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला।

Shafali Verma- India TV Hindi
Image Source : AP शैफाली वर्मा

महिला वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में टीम इंडिया के लिए शैफाली वर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इस मैच में गेंद और बल्ले दोनों से कमाल करते हुए भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। पहले बल्लेबाजी में उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया और 87 रन की बेहतरीन पारी खेली, हालांकि वह शतक लगाने से चूक गई। इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी में कमाल करते हुए दो विकेट निकाले। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला। शैफाली ने 21 साल और 279 दिन की उम्र में ये अवॉर्ड अपने नाम किया। वह महिला वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल या फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं।

मुझे खुद पर भरोसा था- शैफाली वर्मा

फाइनल मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने के बाद शैफाली वर्मा ने कहा कि मैंने शुरू में ही कहा था कि भगवान ने मुझे कुछ अच्छा करने के लिए भेजा है। और आज वह दिखा भी और मैं बहुत खुश हूं कि हमने आखिरकार वर्ल्ड कप जीत लिया है। मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। वर्ल्ड कप के बीच में आकर अच्छा प्रदर्शन करना मुश्किल था लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था। मुझे पता था कि अगर मैं खुद को शांत रखूं, तो मैं कुछ भी कर सकती हूं। मुझे लगता है कि सभी का बहुत सपोर्ट था। सब मुझे बताते थे कि कैसे खेलना है।

शैफाली वर्मा ने की हरमनप्रीत की तारीफ

उन्होंने आगे कहा कि यह फाइनल मेरे लिए, पूरी टीम के लिए बहुत जरूरी था, तो आज मैं बस यही सोच रही थी कि रन कैसे बनाने हैं। हां, बिल्कुल। आज मैं क्लियर माइंडसेट के साथ खेलने के लिए उतरी थी। मैं जब बल्लेबाजी के लिए गई वह मैंने अपने प्लान पर काम किया। मैं बहुत खुश हूं कि हम उसमें कामयाब हुए। और इसके साथ ही, टीम मुझसे बहुत बात कर रही थी। हरमन हमेशा सपोर्ट करती थी। और मुझे लगता है कि सभी ने मुझे बहुत सपोर्ट किया। सभी टीममेट्स बहुत वेलकमिंग और सपोर्टिव थे। टीम के सभी प्लेयर्स ने अपना दिल खोलकर मुझसे कहा कि अपना गेम खेलो। अपना गेम मत छोड़ो। तो, मुझे लगता है कि जब आपको इतनी क्लैरिटी मिलती है, तो आप बहुत खुश होते हैं।

प्रतिका रावल की जगह शैफाली वर्मा को मिला था मौका

आपको बता दें कि शैफाली वर्मा शुरुआती में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थी। लेकिन प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया। प्रतिका बांग्लादेश के खिलाफ लीग स्टेज मैच में चोटिल हो गई थी। उसके बाद उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा था। शैफाली वर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में कुछ खास कमाल नहीं कर पाई थी, लेकिन फाइनल में शानदार प्रदर्शन करके सभी का दिल जीत लिया।

यह भी पढ़ें

दीप्ति शर्मा ने वर्ल्ड कप में बनाया बड़ा कीर्तिमान, ऐसा करने वाली बनीं पहली खिलाड़ी

टीम इंडिया बनी वर्ल्ड चैंपियन, पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब किया अपने नाम

Latest Cricket News