ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों को लगा था कि साउथ अफ्रीका के सात विकेट गिरने के बाद पारी जल्द सिमट जाएगी, लेकिन कप्तान टेम्बा बावुमा और साइमन हार्मर ने पूरा खेल ही पलट दिया। दोनों ने मिलकर ऐसी साझेदारी की कि कंगारू गेंदबाज विकेट के लिए तरसते रह गए। बावुमा और हार्मर ने आठवें विकेट के लिए 183 रन जोड़कर साउथ अफ्रीका के टेस्ट इतिहास में नया रिकॉर्ड बना दिया। उनकी इस साझेदारी ने न सिर्फ टीम को मुश्किल से निकाला, बल्कि उसे 400 रन के पार भी पहुंचा दिया।
गकेबरहा के सेंट जॉर्ज पार्क में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान 20 अक्टूबर को साउथ अफ्रीका ने सात विकेट पर 242 रन से आगे खेलना शुरू किया था। कप्तान बावुमा ने 334 गेंदों पर 179 रन की शानदार पारी खेली, जबकि नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे स्पिनर साइमन हार्मर ने 157 गेंदों पर 82 रन बनाए। दोनों की पारियों की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में नौ विकेट पर 425 रन बना लिए।
25 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
बावुमा और हार्मर ने आठवें विकेट के लिए 277 गेंदों पर 183 रन की साझेदारी की। यह टेस्ट क्रिकेट में साउथ अफ्रीका की ओर से आठवें विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है। दोनों ने नील मैकेंजी और शॉन पोलॉक का 150 रन का पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जो जनवरी 2001 में श्रीलंका के खिलाफ सेंचुरियन में बना था। इस सूची में गैरी कर्स्टन और मोंडे जोंडेकी की साझेदारी भी शामिल है। दोनों ने अगस्त 2003 में लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ आठवें विकेट के लिए 150 रन जोड़े थे। बावुमा ने हार्मर के साथ रिकॉर्ड साझेदारी से पहले सातवें विकेट के लिए मार्को यानसन के साथ भी 132 रन जोड़े थे। यानसन ने 100 गेंदों पर 85 रन की पारी खेली। इस तरह साउथ अफ्रीका ने एक समय मुश्किल में दिख रही पारी को बड़े स्कोर में बदल दिया।
टेस्ट में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड किसके नाम?
टेस्ट क्रिकेट में आठवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का वर्ल्ड रिकॉर्ड इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड और जोनाथन ट्रॉट के नाम है। दोनों ने अगस्त 2010 में लॉर्ड्स में पाकिस्तान के खिलाफ पहली पारी में 332 रन जोड़े थे। इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक और वसीम अकरम हैं, जिन्होंने अक्टूबर 1996 में शेखुपुरा में जिम्बाब्वे के खिलाफ आठवें विकेट के लिए 313 रन की साझेदारी की थी।
शतक से चूके साइमन हार्मर
हार्मर के पास इस मुकाबले में अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाने का मौका था, लेकिन वह 82 रन बनाकर आउट हो गए। अगर वह शतक पूरा कर लेते, तो साउथ अफ्रीका की ओर से टेस्ट में 9वें नंबर पर शतक लगाने वाले केवल तीसरे बल्लेबाज बन जाते। साउथ अफ्रीका के लिए 9वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शॉन पोलॉक दो टेस्ट शतक लगा चुके हैं। वहीं, जनवरी 1997 में लांस क्लूजनर ने केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर भारत के खिलाफ पहली पारी में नाबाद 102 रन बनाए थे।
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