वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का दूसरा संस्करण अब अपने अंतिम फेज यानी फाइनल मुकाबले तक आ गया है। इस संस्करण के अंत में ऑस्ट्रेलियाई टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर और टीम इंडिया दूसरे स्थान पर रही थी। इसकी शुरुआत साल 2021 से हुई थी और अब 7 जून से 11 जून तक इसका फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। टीम इंडिया का यह लगातार दूसरा फाइनल है। इससे पहले साल 2021 में टीम रनर अप रही थी। फाइनल में भारत को न्यूजीलैंड ने मात दी थी। अब इस बार टीम इंडिया अपने उस जख्म को भरने के लिए ओवल में इतिहास रचना चाहेगी। उससे पहले जानते हैं कि इस दूसरे संस्करण में टीम इंडिया का सफर कैसा रहा। खास बात यह है कि इस दौरान टीम इंडिया को सिर्फ एक बार ही सीरीज में हार झेलनी पड़ी है।
भारत ने इस संस्करण में कुल 17 टेस्ट मैच 6 सीरीज के दौरान खेले। जिसमें से 11 में उसे जीत मिली और 4 में हार का सामना करना पड़ा। वहीं दो टेस्ट मैच इस दौरान ड्रॉ भी रहे। इन 6 सीरीज में से चार में भारत को जीत मिली वहीं एक सीरीज ड्रॉ हुई तो एक में टीम को हार का सामना करना पड़ा। इस सत्र की शुरुआत टीम ने विराट कोहली की कप्तानी में इंग्लैंड सीरीज से की थी। उसके बाद सात टेस्ट मैचों में कप्तानी के बाद विराट ने साउथ अफ्रीका दौरे पर रेड बॉल क्रिकेट की भी कप्तानी छोड़ दी थी। इस दौरान 17 में से 7 मैचों में विराट ने कप्तानी की और 1 मैच में जसप्रीत बुमराह व 3 मैचों में केएल राहुल ने टीम की कमान संभाली। बचे हुए 6 मैचों में मौजूदा नियमित कप्तान रोहित शर्मा ने बागडोर संभाली।
Image Source : ptiBorder Gavaskar Trophy 2023 की तस्वीर
WTC 2021-23 में कैसा रहा टीम इंडिया का सफर
- 2021-22: ENG vs IND, सीरीज 2-2 से ड्रॉ (4 टेस्ट)
- 2021: IND vs NZ, भारत 1-0 से जीता (2 टेस्ट)
- 2021-22: SA vs IND, साउथ अफ्रीका 2-1 से जीता (3 टेस्ट)
- 2022: IND vs SL, भारत 2-0 से जीता (2 टेस्ट)
- 2022-23: BAN vs IND, भारत 2-0 से जीता (2 टेस्ट)
- बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2023: IND vs AUS, भारत 2-1 से जीता (4 टेस्ट)
किस भारतीय कप्तान का रिकॉर्ड रहा बेहतर?
विराट कोहली की कप्तानी में टीम ने सात में से 4 टेस्ट मैच जीते और दो में हार का सामना किया। वहीं एक टेस्ट न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर में ड्रॉ पर भी समाप्त हुआ। बुमराह अपनी कप्तानी में टीम को जीत दिलाने में नाकामयाब रहे। जबकि राहुल की कप्तानी में टीम दो टेस्ट बांग्लादेश में जीती। रोहित शर्मा का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा और छह मैचों में से 4 में टीम को जीत मिली और एक मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। वहीं सिर्फ एक मैच में टीम को हार मिली जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंदोर टेस्ट में मिली थी बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2023 के दौरान। अब रोहित की असली अग्नपरीक्षा होगी ओवल के मैदान पर जहां वह 9वें टेस्ट में कप्तानी करने उतरेंगे। अगर टीम यहां जीती तो इतिहास रचते हुए 10 साल के आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म कर सकती है।
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