नई दिल्ली: रियो ओलंपिक्स में भारतीय महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने कई ख्वाबों को पंख देने का काम किया है। शायद यही वजह है कि अहमदाबाद के रहने वाले ऑटो ड्राइवर मणिलाल गोविल ने अपनी बेटी का सपना पूरा करने और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय शूटर बनाने के लिए जर्मनी से 5 लाख रुपये की जर्मन राइफल मंगाई है।
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मणिलाल की बेटी मित्तल गोविल एक शूटर हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है और पदक भी जीते हैं। लेकिन मणिलाल का सपना है कि उनकी इकलौती बेटी 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक में देश का परचम लहराए। यही वजह है कि अहमदाबाद के इस ऑटो ड्राइवर पिता के पास जब राइफल खरीदने के लिए पूरे पैसे नहीं थे तो उन्होंने कर्ज लेने में भी कोई हिचक नहीं दिखाई।
मित्तल ने 2013 में आयोजित हुई 57वीं नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके अलावा वह कई अन्य प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। सबसे खास बात यह है कि मित्तल ने यह कामयाबी बेहद ही कम सुवधाओं के बीच पाई है।
बताया जाता है कि मणिलाल ये पैसे अपनी बेटी की शादी के लिए बचा रहे थे। लेकिन जब मित्तल ने एक के बाद एक कई प्रतियोगिताओं में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा तो मणिलाल ने उस पैसे से अपनी बेटी को एक बेहतर राइफल देने की ठानी। रियो ओलंपिक्स में साक्षी मलिक और पीवी सिंधु के शानदार प्रदर्शन ने निश्चित रूप से भारत की बेटियों के सपनों को एक नई ताकत दी है।