फिडे शतरंज महिला वर्ल्ड कप 2025 का खिताब भारत की दिव्या देशमुख ने कोनेरू हम्पी को हराकर जीता है। खिताब जीतने के साथ ही वह ग्रैंडमास्टर बन गई हैं। फाइनल में दोनों भारतीय प्लेयर्स ने अंत तक हार नहीं मानी और बाद में इसके विजेता का फैसला टाई ब्रेकर के जरिए हुआ। 38 साल की हम्पी सबसे कुशल और सुलझी हुई शतरंज खिलाड़ियों में से एक हैं। वह दो दशकों से भी अधिक समय से भारतीय महिला शतरंज की ध्वजवाहक रही हैं। दिव्या का उनके खिलाफ जीतना भारतीय शतरंज के लिए एक शानदार क्षण था। अब दिव्या के प्रारंभिक कोच श्रीनाथ नारायणन ने उनकी खूब तारीफ की है।
धोनी की तरह दबाव में करती है अच्छा प्रदर्शन: नारायणन
श्रीनाथ नारायणन ने चेन्नई से फोन पर पीटीआई से कहा कि दिव्या काफी आक्रामक खिलाड़ी हैं। बीतते समय के साथ वह अधिक बहुमुखी बन गई है। मुझे लगता है कि वह सभी फॉर्मेट (क्लासिकल, रैपिड और और ब्लिट्ज) में समान रूप से अच्छी है। मुझे लगता है कि मुश्किल परिस्थितियों में उसके खेल में और परिपक्वता आ जाती है। वह महेंद्र सिंह धोनी की तरह है जो आखिरी ओवरों में मैच का पासा पलट देते हैं। मैंने कई बार देखा है कि दिव्या अहम मैचों में दबाव में अच्छा प्रदर्शन करती रही है।
श्रीनाथ ने कहा कि वह अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली रही है। उसमें इन बड़े मैचों और टूर्नामेंटों को जीतने की एक खास तरह की क्षमता है। मैंने जिस पहले टूर्नामेंट में उसे कोचिंग दी थी, उसमें उसने आखिरी राउंड में ईरान के खिलाफ एक बहुत महत्वपूर्ण बाजी जीतने में सफल रही थी।
दिव्या देशमुख देश की चौथी महिला ग्रैंडमास्टर बनीं
दिव्या देशमुख इस दौरान देश की चौथी और कुल 88वीं महिला ग्रैंडमास्टर बनी। टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले उनके लिए हालांकि ग्रैंडमास्टर नार्म हासिल करना मुश्किल लग रहा था। श्रीनाथ ने नागपुर की इस खिलाड़ी को 2020 तक कोचिंग दी है। उन्हें दिव्या की क्षमता का अंदाजा 2018 में ही हो गया था और कैंडिडेट टूर्नामेंट का क्वालीफिकेशन हासिल करने के बाद उनके पास विश्व चैंपियन बनने की भी क्षमता है।
(Input: PTI)
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