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Airtel का बड़ा फैसला, Priority Postpaid सर्विस का बदल दिया नाम, जानें वजह

Airtel ने अपनी विवादित प्रायरिटी पोस्टपेड सर्विस का नाम बदलने का फैसला किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी है। अब यह Fast Lane सर्विस के नाम से जानी जाएगी।

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Image Source : AIRTEL एयरटेल प्रायरिटी सर्विस का बदला नाम

Airtel ने हाल में लॉन्च हुए अपनी प्रायरिटी पोस्टपेड सर्विस का नाम बदल दिया है। पिछले कुछ दिनों से एयरटेल की इस प्रायरिटी सर्विस को लेकर सवाल उठ रहे थे। कई यूजर्स ने एटरटेल की इस नई सर्विस को नेट न्यूट्रिलिटी के खिलाफ बताया था। कंपनी ने अब इस प्रायरिटी पोस्टपेड सर्विस का नाम बदलकर Fast Lane सर्विस रख दिया है। कंपनी का दावा है कि यह भी 5G स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी पर ही काम करेगी। इसमें पोस्टपेड प्लान लेने वाले यूजर्स को बेहतर और फास्ट 5G नेटवर्क ऑफर किया जाएगा।

प्रायरिटी सर्विस का बदला नाम

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, Airtel के प्रवक्ता ने आधिकारिक तौर पर बताया कि प्रायरिटी पोस्टपेड का नाम बदलकर Fast Lane सर्विस कर दिया गया है। टेलीकॉम ऑपरेटर ने अपनी वेबसाइट पर भी इसका नाम बदल दिया है। वहीं, यूजर के मोबाइल फोन के सिग्नल में भी Fast Lane डिस्प्ले होने लगा है। कंपनी के प्रवक्ता ने आगे बताया कि हम प्रायरिटी पोस्टपेड प्लान को बंद नहीं कर रहे हैं। हमारा लॉन्च कैंपेन अभी खत्म हुआ है और हम जो कर रहे हैं वही यूजर्स को बता रहे हैं। हम Fast Lane सर्विस ऑफर कर रहे हैं।

यूजर्स ने उठाए सवाल

एयरटेल के पोस्टपेड यूजर्स को यह सर्विस मिल रही है, जिसमें 5G स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें 5G यूजर्स को बेहतर और इन्हांस एक्सपीरियंस मिलता है। उन्हें बेहतर स्पीड के साथ-साथ अनलिमिटेड कॉलिंग और बेहतर सर्विस दिया जाता है। एयरटेल प्रवक्ता ने दावा किया है कि 5G स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने से प्रीपेड यूजर्स के एक्सपीरियंस में किसी भी तरह का बदला नहीं होगा। साथ ही, कंपनी ने रेगुलेटर के साथ इसका डेटा भी शेयर किया है।

19 मई को हुई थी लॉन्च

बता दें एयरटेल ने पिछले महीने 19 मई को प्रायरिटी पोस्टपेड सर्विस लॉन्च की थी, जिसमें पोस्टपेड यूजर्स को भीड़-भाड़ वाले इलाके में भी लगातार बेहतर स्पीड का वादा किया जा रहा था। हालांकि, एयरटेल की इस नई सर्विस के लॉन्च होते ही इस पर सवाल उठने लगे। ऐसा दावा किया जा रहा है कि एयरटेल प्रायरिटी पोस्टपेड सर्विस नेट न्यूट्रिलिटी के नियमों का उल्लंघन करता है। इसमें कम पैसे खर्च करने वाले यूजर्स को कम स्पीड में इंटरनेट मिलेगा, जबकि ज्यादा पैसा देने वाले पोस्टपेड यूजर्स को अच्छी नेटवर्क सर्विस मुहैया कराई जाएगी।

संसदीय समिति गठित

यही नहीं, एयरटेल की इस प्रायरिटी सर्विस को लेकर 26 मई को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता में एक संसदीय समिति भी बनाई गई। साथ ही, दूरसंचार विभाग और दूरसंचार नियामक को 5G नेटवर्क स्लाइसिंग सर्विस के सिंगापुर, यूके और अन्य देशों में हुए प्रभाव को रिव्यू करने के लिए कहा गया। संसदीय स्थायी समिति ने कहा कि कुछ टेलीकॉम ऑपरेटरों के प्रायोरिटी पोस्टपेड प्लान, करोड़ों प्रीपेड मोबाइल यूज़र्स की नेट न्यूट्रैलिटी के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। इसे लेकर दूरसंचार विभाग और नियामक को 25 दिनों का समय दिया गया है। वो इसकी स्टडी करके संसदीय समिति को जवाब देंगे।

हालांकि, एयरटेल ने अपने नई प्रायरिटी पोस्टपेड सर्विस का बचाव करते हुए संसदीय समिति के सामने कहा कि 5G नेटवर्क स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी नेट न्यूट्रैलिटी के नियमों का उल्लंघन नहीं करती है और न ही प्रीपेड यूजर्स की सर्विस क्वालिटी को कम करती है। प्रायरिटी पोस्टपेड सर्विस के नाम बदले जाने पर कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि एयरटेल अपने दोनों प्रीपेड और पोस्टपेड यूजर्स के सर्विस एक्सपीरियंस को लगातार इंप्रूव करता रहता है।

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