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एप्पल के टचस्क्रीन मैकबुक प्रो के आने में होगी देरी, 2027 तक आने की उम्मीद पर फिरा पानी

एप्पल के टचस्क्रीन मैकबुक का इंतजार करने वाले कस्टमर्स के लिए थोड़ी निराश करने वाली खबर है क्योंकि इसकी लॉन्च होने में देरी की रिपोर्ट आई है।

Apple MacBook- India TV Hindi
Image Source : APPLE STORE INDIA एप्पल मैकबुक

Apple Touchcreen MacBook: पिछले साल से ऐप्पल के टचस्क्रीन मैकबुक पर काम करने की रूमर्स ऑनलाइन सामने आ रही हैं और लोग यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि तकनीकी दिग्गज कंपनी इस डिवाइस के साथ क्या लेकर आती है। हालांकि लोगों को निराश करने वाली एक खबर आ रही है कि टचस्क्रीन मैकबुक में अब देरी हो सकती है। क्या है इस देरी की वजह और कब तक सामने आ सकता है टचस्क्रीन मैकबुक, जानें यहां- 

टचस्क्रीन मैकबुक प्रो में देरी हो सकती है

टचस्क्रीन OLED डिस्प्ले और एप्पल के नेक्स्ट जेनरेशन डिवाइस की उम्मीद के साथ अपकमिंग मैकबुक प्रो कई महीनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन अब इसके आने में तो देरी की बात होने लगी है और अनुमान जताया जा रहा है कि ये पहले की संभावित टाइमलाइन के मुताबिक लॉन्च नहीं हो पाएगा। इससे पहले OLED टचस्क्रीन वाला मैकबुक प्रो इस साल के अंत में लॉन्च होने की उम्मीद थी। लेकिन अब ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमैन की एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये लैपटॉप 2027 तक लॉन्च नहीं हो सकता है। 

मैक स्टूडियो में भी हो सकती है देरी 

इसके अलावा मैक स्टूडियो को भी देरी का सामना करना पड़ सकता है। ऐप्पल इस मजबूत डेस्कटॉप के लिए मिड-ईयर के समय को टार्गेट कर रहा था, ऐसा माना जा रहा था। हालांकि ऐसा लगता है कि यह प्लान भी बदल गया है। लॉन्च अब बहुत बाद में यानी शायद अक्टूबर के आसपास हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि ऐप्पल पहले से ही मौजूदा मैक स्टूडियो यूनिट्स की कमी का सामना कर रहा है। इससे ये इशारा मिल रहा है कि कंपनी को मजबूत मांग के साथ-साथ सप्लाई की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसका मतलब यह है कि एप्पल का पूरा मैक रिफ्रेश साइकिल सामान्य से धीमी स्पीड से आ सकता है। ये खासकर उन यूजर्स के लिए थोड़ी निराशा की बात हो सकती है जो बैक-टू-बैक हार्डवेयर अपग्रेड की उम्मीद कर रहे हैं।

इस देरी की वजह क्या है?

असल में इस देरी का कारण क्या है, इस पर पहले भी चर्चा हो चुकी है। वजह कुछ ऐसी है जिसके बारे में कई बार तकनीकी कंपनियों की ओर से हिंट दिया जा चुका है और ये कारण है-RAM की ग्लोबल कमी। सारी तकनीकी इंडस्ट्री RAM और SSD की कमी से जूझ रही है और एप्पल भी इस समस्या से अछूता नहीं दिख रहा है। मेन कंपोनेंट्स की सीमित सप्लाई का मतलब है कि ऐप्पल लॉन्च के समय अपेक्षित मांग को पूरा करने के लिए जरूरी यूनिट्स का प्रोडक्शन नहीं कर सकता है। इसकी वजह से इसे अपनी लॉन्च टाइमलाइन को आगे बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

इस बीच रिपोर्ट यह भी बताती है कि जहां तक ​​चीजों के सॉफ्टवेयर के पहलू का सवाल है, वह सब कुछ समय पर चल रहा है। नए टचस्क्रीन मैकबुक प्रो को सपोर्ट करने वाले फीचर्स इस साल के अंत में MacOS 27 के साथ आने की संभावना है। यह इस बात को कन्फर्म करता है कि टचस्क्रीन मैकबुक प्रो में देरी पूरी तरह हार्डवेयर की वजह से जुड़ी हुई है।

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