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फोन पर बिना इंटरनेट के देख पाएंगे Live TV, 19 शहरों में ट्रायल शुरू

सरकार ने डायरेक्ट-टू-मोबाइल सर्विस की टेस्टिंग कई शहरों में शुरू कर दी है। अब मोबाइल यूजर्स बिना इंटरनेट के भी लाइव टीवी चैनल अपने फोन पर देख पाएंगे।

Direct to mobile- India TV Hindi
Image Source : UNSPLASH डायरेक्ट टू मोबाइल

जल्द ही आप अपने स्मार्टफोन पर फ्री में Live TV चैनल देख पाएंगे। इसके लिए आपको न तो किसी इंटरनेट की जरूरत होगी और न ही कोई प्लान लेना पड़ेगा। जी हां, सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार जल्द ही डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम को लागू करने वाली है। इसके लिए 19 से ज्यादा शहरों में ट्रायल भी किया जा रहा है। प्रसार भारती के साथ सूचना और प्रसारण मंत्रालय इस सिस्टम को लागू करने की पूरी रूपरेखा तैयार कर रहा है।

क्या है डायरेक्ट टू मोबाइल टेक्नोलॉजी?

यह एक सैटेलाइट बेस्ड सर्विस है, जिसमें मोबाइल फोन पर सैटेलाइट के जरिए लाइव टीवी चैनल दिखाया जाएगा। लोग फोन में लाइव टीवी चैनल्स के साथ-साथ एजुकेशन कंटंट आदि को बिना किसी एक्टिव इंटरनेट के देख पाएंगे। इसमें यूजर को डेटा की जरूरत नहीं होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, यह सर्विस फिलहाल फीचर फोन यानी कीपैड वाले फोन पर टेस्ट की जा रही है। बाद में इसे स्मार्टफोन में भी एक्सपेंड किया जा सकता है।

19 से ज्यादा शहरों में ट्रायल शुरू

रिपोर्ट के मुताबिक, इस टेक्नोलॉजी का ट्रायल 19 से ज्यादा शहरों में किया जा रहा है। प्रसार भारती, सांख्य लैब्स और IIT कानपुर साथ मिलकर इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। यह डायरेक्ट-टू-मोबाइल सर्विस उन इलाकों में डिजिटल कंटेंट पहुंचाने का काम करेगा, जहां इंटरनेट की सही से पहुंच नहीं है। साथ ही, लोग महंगे डेटा की वजह से वीडियो भी नहीं देख पाते हैं।

दिल्ली और बंगलुरू जैसे शहरों में किए गए शुरुआती टेस्ट में पाया गया कि मोबाइल पर डायरेक्ट वीडियो और कंटेंट भेजना संभव है। इस तकनी की वजह से बड़े-बड़े इवेंट्स को आसानी से बिना इंटरनेट के लाइवस्ट्रीम किया जा सकेगा। स्मार्ट टीवी के आने के बाद से ही सैटेलाइट चैनल्स लगभग खत्म से हो गए हैं। ज्यादातर लोग स्मार्ट टीवी और OTT के जरिए कंटेंट कंज्यूम करने लगे हैं।

क्या है चुनौती?

डायरेक्ट-टू-मोबाइल यानी D2M सर्विस एक खास फ्रिक्वेंसी 470 से 582 MHz पर काम करेंगे। इसके लिए सरकार ने मंजूरी दी है। हालांकि, टेलीकॉम कंपनियां सरकार के इस फैसला का विरेध कर रहे हैं। टीवी और रेडियो ब्रॉडकास्टर्स सरकार के इस फैसले से खुश हैं, क्योंकि उन्हें नए व्यूअर्स मिलेंगे। टेलीकॉम ऑपरेटर्स का कहना है कि यह स्पेक्ट्रम बैंड अगर D2M को दे दिया जाएगा, तो भविष्य में 5G या 6G के लिए मोबाइल स्पेक्ट्रम नहीं बढ़ाए जा सकेंगे। मोबाइल इंटरनेट की सेवाओं पर इसका असर पड़ सकता है।

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