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DoT का Google, Facebook, X को आदेश, तुरंत हटा लें ये कंटेंट नहीं तो होगी कार्रवाई

दूरसंचार विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से स्पेसिफिक कंटेंट को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। नए टेलीकॉम एक्ट 2023 के तहत ये कंटेंट अपराधिक गतिविधियों को बढ़ाने वाले हैं।

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Image Source : FILE सोशल मीडिया ऐप्स

DoT यानी दूरसंचार विभाग ने Facebook, Instagram, Google, X समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कुछ स्पेसिफिक कंटेंट हटाने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया कंपनियों को दूरसंचार विभाग का आदेश मानते हुए ये कंटेंट 28 फरवरी 2025 तक हटाने होंगे। इसके लिए कंपनियो को 10 दिन का समय दिया गया है। दूरसंचार विभाग का कहना है कि ये स्पेसिफिक कंटेंट टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के अनुसार नहीं है और स्कैमर्स इनका फायदा उठाकर लोगों के साथ फ्रॉड कर सकते हैं।

कंटेंट हटाने के निर्देश

दूरसंचार विभाग ने फेसबुक, गूगल और X जैसे प्लेटफॉर्म को अपनी एडवाइजरी में उन सभी कंटेंट को हटाने के निर्देश दिए हैं, जिनमें इंफ्लुएंशर्स ने कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन (CLI) को बाईपास करने के तरीके बताएं हैं। कई इंफ्लुएंशर्स ने अपने वीडियो कंटेंट में CLI को बाईपास करके बिना नंबर जाहिर किए कॉल रिसीव करने वालों को अलग नंबर कैसे दिखाएं ये बताया है। DoT का कहना है कि स्कैमर्स सोशल मीडिया पर मौजूद इस तरह के वीडियो की सहायता से लोगों को ठग सकते हैं।

CLI स्पूफिंग

नए टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के मुताबिक, इसे CLI स्पूफिंग कहा जाता है। हालांकि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आईटी एक्ट के तहत आम तौर पर मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स यानी MeitY के अंदर आता है, लेकिन दूरसंचार विभाग ने इन कंटेंट को हटाने के निर्देश इसलिए दिए हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद ये कंटेंट टेलीकॉम एक्ट के अनुकूल नहीं हैं।

आपराधिक कार्रवाई

दूरसंचार विभाग ने अपनी यह एडवाइजरी टेलीकॉम एक्ट के सेक्शन 42(3)(c) के तहत जारी किया है। इसके अलावा इसमें सेक्शन 42(3)(e) और सेक्शन 42(7) का भी जिक्र किया गया है, जिनमें टेलीकॉम आइडेंटिफिकेशन टेम्परिंग के साथ-साथ सब्सक्राइबर्स की आइडेंटिटी मॉड्यूल और अन्य चीजों का इस्तेमाल फ्रॉड के लिए किया जाना है। इस तरह के अपराध टेलीकॉम एक्ट 2023 के मुताबिक, गैरजमानती माने जाते हैं, इसलिए अपराधिक मुकदमें भी चलाए जा सकते हैं।

जुर्माने का प्रावधान

नियम के उल्लंघन करने पर 3 साल तक जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। सेक्शन 42(6) के तहत इस तरह के पेनाल्टी वीडियो अपलोड करने वालों के साथ-साथ सोशल मीडिया कंपनियों पर भी लगाए जा सकते हैं। दूरसंचार विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि टेलीकॉम आइडेंटिफायर जैसे कि CLI, IP अड्रेस या IMEI नंबर को टेम्पर करना क्रिमिनल एक्टिविटी माना जाएगा। ऐसे में इन कंटेंट को होस्ट करने वाले सोशल मीडिया ऐप्स को इन्हें हटाना होगा।

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