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भूकंप से पहले स्मार्टवॉच करेगी अलर्ट, गूगल ने Wear OS में जोड़ा खास फीचर, जानें कब से मिलेगा

गूगल ने स्मार्टवॉच यूजर्स के लिए नया इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम फीचर रोल आउट किया है, जो भूकंप आने पर यूजर्स को अलर्ट करेगा। गूगल ने इस फीचर को स्मार्टफोन के बाद अब WearOS स्मार्टवॉच ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए रोल आउट किया है।

Google pixel watch alert- India TV Hindi
Image Source : SORA.AI भूकंप आने पर स्मार्टवॉच करेगी अलर्ट

अब आपकी स्मार्टवॉच भूकंप आने से पहले चेतावनी जारी करेगी। गूगल अपने WearOS ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम फीचर रोल आउट कर रहा है। इस फीचर के जरिए भूकंप आने से पहले वॉच में अलर्ट मिलने लगेगा। गूगल का यह फीचर यूजर्स को इमरजेंसी से पहले चेतावनी देने के लिए लाया गया है, ताकि वो ऐसी स्थिति में किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं या फिर खुद को सुरक्षित कर लें। गूगल ने Android 15 के साथ इस फीचर को स्मार्टफोन यूजर्स के लिए जारी किया था। अब इसे स्मार्टवॉच के लिए भी रोल आउट किया जा रहा है।

कैसे करेगा काम?

Google के स्मार्टवॉच ऑपरेटिंग सिस्टम WearOS वाली घड़ियां इस नए इमरजेसीं फीचर्स से लैस होंगी। गूगल ने इस फीचर को वॉच में मौजूद मोशन सेंसर के आधार पर डिजाइन किया है। यूजर्स के फोन और वॉच में यह मोशन सेंसर मिलता है। जैसे ही आस-पास के स्मार्टफोन में एक साथ कंपन महसूस होगा, यह अलर्ट भेजना जारी कर देगी। स्मार्टफोन का डेटा गूगल सर्वर के पास पहुंचेगा। फिर उसे स्मार्टवॉच के लिए रिले किया जाएगा।

कैसे मिलेगा अपडेट?

WearOS का यह अलर्ट सिस्टम भूकंप का अलर्ट जारी करने के साथ-साथ यह भी बताएगा कि किस क्षेत्र में सबसे ज्यादा खतरा है और किस दिशा में जाना सुरक्षित होगा। इस फीचर को गूगल ने ग्लोबली रोल आउट कर दिया है। जल्द ही WearOS वाले कम्पैटिबल स्मार्टवॉच में यह फीचर मिलने लगेगा। यूजर्स को अपने वॉच की सेटिंग्स में जाकर लेटेस्ट सॉफ्टवेयर को अपडेट करना होगा।

Google के WearOS पर कई ब्रांड्स के स्मार्टवॉच काम करते हैं, जिनमें Pixel Watch के अलावा सैमसंग और वनप्लस के स्मार्टवॉच भी शामिल हैं। इन वॉच में गूगल का यह नया इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम अपडेट के जरिए मिलने लगेगा। भूकंप आने पर स्मार्टवॉच वाइब्रेट होने लगेगा, जिसके जरिए यूजर्स समझ जाएंगे कि कोई इमरजेंसी की स्थिति है। टेक्नोलॉजी के इस एडवांसमेंट का फायदा खास तौर पर उन इलाकों में रहने वाले लोगों को होगा, जो एरिया भूकंप के बेहद अनुकूल है यानी जहां भूकंप आने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है।

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