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Google और Apple की बढ़ी मुश्किल, ऐप स्टोर से होने वाली कमाई बन सकती है मुसीबत

Google और Apple के ऐप स्टोर पर कंट्रोल को लेकर नए नियम बनाए जाने की तैयारी चल रही है। इसकी वजह से इन दोनों अमेरिकी टेक कंपनियों की मुसीबत बढ़ सकती है।

Google and apple- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO गूगल और एप्पल

Google और Apple की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। दोनों अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए ऐप स्टोर से होने वाली कमाई मुसीबत पैदा कर सकती हैं। यूके की कम्पीटिशन और मार्केट ऑथोरिटी (CMA) ने इन दोनों कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। मोबाइल प्लेटफॉर्म्स पर इन दोनों कंपनियों के दबदबे और कंट्रोल को देखते हुए भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। CMA के पास इन दोनों कपनियों को स्ट्रैटेजिक मार्केट स्टेटस देने का प्रस्ताव आया है। इसके जरिए CMA इन दोनों कंपनियों के ऐप स्टोर पर मौजूद ऐप्स को यूके में कंट्रोल करने के तरीके में बदलाव ला सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों कंपनियों के ऐप स्टोर पर डेवलपर्स को खुद के पेमेंट सिस्टम से निजात दिलाए जाने की कवायद चल रही है। गूगल और एप्पल के ऐप स्टोर पर इन-ऐप परचेज के लिए यूजर्स को गूगल या फिर एप्पल के पेमेंट सिस्टम का ही इस्तेमाल करने का ऑप्शन मिलता है, जिसकी वजह से डेवलपर्स को हर परचेज का 30 प्रतिशत तक कमीशन एप्पल या गूगल को देना पड़ता है। इसकी वजह से इन दोनों कंपनियों की गाढ़ी कमाई होती है। CMA की दखलअंदाजी के बाद ऐप डेवलपर्स की कमाई में इजाफा हो सकता है और कमीशन में कमी होने की संभावना है।

नई पॉलिसी की तैयारी

CMA चाहता है कि एप्पल और गूगल अपने ऐप स्टोर के लिए ऐप रिव्यू सिस्टम को और पारदर्शी बनाए। एप्पल को लेकर ये शिकायत की गई है कि कंपनी ऐप रिव्यू सिस्टम के कॉन्फिडेंशियल डेटा का इस्तेमाल करके अपनी सर्विस प्रमोट करती है। अगर यह आरोप सही है तो एप्पल को इसके जरिए एक एडवांटेज मिल रहा है। CMA इसे लेकर नई पॉलिसी ला सकता है। इसके बाद ऐप स्टोर से किए जाने वाले परचेज के लिए यूजर्स को एप्पल या गूगल पे के वॉलेट के अलावा अन्य डिजिटल वॉलेट को यूज करने का ऑप्शन मिलेगा।

CMA के चीफ एक्जीक्यूटिव साराह कार्डेल का कहना है कि एप्पल और गूगल का यूके में मौजूद मोबाइल डिवाइस में 90 से 100 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। यूके में ऐप्स के जरिए होने वाली कमाई का इकोनॉमी में बड़ा योगदान है। इस पर 4 लाख नौकरियां आधारित हैं और कुल जीडीपी का 1.5 प्रतिशत हिस्सेदारी भी है।

हालांकि, एप्पल ने CMA के नए प्रस्तावित नियम का विरोध किया है। अपनी सफाई में कंपनी ने कहा कि इस बदलाव की वजह से यूजर प्राइवेसी को खतरा हो सकता है। ऐप स्टोर यूजर्स की निजी जानकारियां थर्ड पार्टी द्वारा एक्सेस किया जा सकता है। CMA फिलहाल इस मामले में एक्सपर्ट्स से फीडबैक ले रहा है। रेगुलेटरी इस नियम को अगले साल से लागू कर सकता है।

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