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फोन चुराना बंद कर देंगे चोर, आ गई Kill Switch टेक्नोलॉजी, एक क्लिक से मोबाइल बन जाएगा डब्बा

फोन चोरी की घटना पर लगाम लगाने के लिए ब्रिटेन की दो टेलीकॉम कंपनियों ने Kill Switch टेक्नोलॉजी पेश की है। यह टेक्नोलॉजी फोन चोरी होने पर उसे इस्तेमाल करने लायक नहीं छोड़ती है।

Kill Switch Technology- India TV Hindi
Image Source : PEXELS किल स्वीच टेक्नोलॉजी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

स्मार्टफोन चोरी होने की टेंशन जल्द खत्म हो जाएगी। ब्रिटेन की दो टेलीकॉम कंपनियों ने ऐसी टेक्नोलॉजी पेश की है, जो फोन चोरी होने पर उसे पूरी तरह से ब्लॉक या डेड कर देती है। फोन में एक किल स्वीच फीचर मिलेगा, जो फोन के चोरी होने पर रिमोटली एक्टिवेट किया जा सकेगा। ऐसे में चोर अगर फोन चुराता भी है तो वो उसके लिए केवल खाली डिब्बा बन जाएगा। वो न तो फोन में कोई सिम लगा पाएंगे और न उसे स्वीच ऑन कर पाएंगे।

क्या है Kill Switch?

रिपोर्ट के मुतबिक, ब्रिटेन की दो टेलीकॉम कंपनियां Virgin Media O2 और Vodafone 3 ने इस कमाल की टेक्नोलॉजी पेश की है। इस टेक्नोलॉजी का नाम Kill Switch रखा गया है। यह एक क्लिक में फोन को पूरी तरह से ब्लॉक कर सकता है। इस टेक्नोलॉजी को फिलहाल रिटेल स्टोर्स ने नए फोन को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी?

Kill Switch टेक्नोलॉजी में यूजर अपने मोबाइल डिवाइस को रिमोटली बंद कर सकता है और उसे हमेशा के लिए डेड कर देगा। इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल उन नए स्मार्टफोन के लिए किया जाएगा, जो अब तक बेचे नहीं गए हैं या यूज नहीं किए गए हैं। इसमें जैसे ही फोन ऑन होता है तो सिस्टम यूजर की तुरंत पहचान कर लेता है। इसके बाद हैंडसेट की जानकारी फोन निर्माता के डेटाबेस में दर्ज हो जाती है। फोन चोरी होने पर एक रिमोट कमांड के जरिए उसे हमेशा के लिए ब्लॉक किया जा सकता है। फिलहाल इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल रिटेल स्टोर में हो रही चोरी को रोकने के लिए किया जा रहा है।

एक क्लिक से फोन बन जाएगा डिब्बा

बता दें पिछले दिनों ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक साल के अंदर 70,000 से अधिक लोग फोन चोरी के शिकार हुए हैं। फोन चोरी की बढ़ती घटना को देखते हुए यह टेक्नोलॉजी पेश की गई है। यह चोरी किए गए फोन को डिब्बा बना देगी, जिसके बाद उसकी कोई रिसेल वैल्यू नहीं रहेगी। ज्यादातर चोरी किए गए फोन को चोर ब्लैक मार्केट में बेचते हैं। फोन डिब्बा बन जाने से वो उसे नहीं बेच पाएंगे और चोरी करने का कोई फायदा नहीं मिलेगा।

इस टेक्नोलॉजी को फिलहाल रिटेल स्टोर्स के लिए पेश किया गया है। यह उन्हीं डिवाइस पर काम करेगा, जो रिटेलर या नेटवर्क प्रोवाइडर की संपत्ति है। ऐसे में फोन जब किसी ग्राहक को बेच दिया जाता है, तो उसका मालिकाना हक ग्राहक के पास पहुंच जाता है। एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियां भी अपने स्मार्टफोन में ऐसी ही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाली है। इसके आने के बाद भविष्य में फोन चोरी की घटनाएं बंद हो सकती है।

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