A
  1. Hindi News
  2. टेक
  3. न्यूज़
  4. 'No More English' अब हिन्दी वेब अड्रेस में ओपन होंगी सरकारी वेबसाइट्स

'No More English' अब हिन्दी वेब अड्रेस में ओपन होंगी सरकारी वेबसाइट्स

सरकार ने लोकल लैंग्वेज को बढ़ावा देने के लिए कई सरकारी वेबसाइट्स का वेब अड्रेस हिन्दी या अन्य लोकल भाषा में बदल दिया है। यूजर्स अब हिन्दी वेब अड्रेस टाइप करके भी कई सरकारी वेबसाइट को ओपन कर सकते हैं। इसके अंग्रेजी पर से निर्भरता खत्म हो जाएगी।

Hindi domain- India TV Hindi
Image Source : FILE हिन्दी डोमेन

सरकार ने भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कई सरकारी वेबसाइट्स के वेब अड्रेस अब हिन्दी में टाइप किए जा सकेंगे यानी जल्द अंग्रेजी पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। सरकार ने इंटरनेट को यूजर फ्रेंडली बनाने के लिए कई सरकारी वेबसाइट में हिन्दी वेब अड्रेस का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। आने वाले कुछ सालों में भारतीय भाषाओं खास तौर पर हिन्दी को यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस मिल जाएगा। ऐसे में जिन लोगों को अंग्रेजी नहीं भी आती हैं, वो हिन्दी में टाइप करके कोई भी वेबसाइट ओपन कर पाएंगे। 

हिन्दी में वेब अड्रेस

सरकार ने यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस इनिशिएटिव के तहत इंटरनेशनलाइज्ड डोमेन नेम (IDNs) में बड़ा बदलाव किया है, जिसके जरिए वेब अड्रेस और ई-मेल आईडी को भारतीय भाषाओं में क्रिएट किया जा सकेगा। उदाहरण के तौर पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय की वेबसाइट का URL अब हिन्दी में भी तैयार हो गया है। यूजर्स गृह मंत्रालय की वेबसाइट ओपन करने के लिए mha.gov.in के साथ-साथ गृहमंत्रालय.सरकार.भारत भी टाइप कर सकते हैं। इस वेबसाइट को अंग्रेजी और हिन्दी दोनों भाषाओं में एक्सेस किया जा सकता है।

Image Source : FILEगृह मंत्रालय हिन्दी डोमेन

रिपोर्ट के मुताबिक, वेब अड्रेस के डोमेन में इस्तेमाल होने वाले कंट्री कोड .in को .भारत से रिप्लेस किया गया है। वहीं, हिन्दी के अलावा इसे अन्य भारतीय भाषाओं जैसे कि तमिल, तेलुगू आदि में जल्द इस्तेमाल किया जा सकेगा। इंटरनेट के आविष्कार से ही डोमेन नेम सिस्टम (DNS) में केवल अंग्रेजी कैरेक्टर का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मुख्य वजह शुरूआत में कम्प्यूटर कोडिंग स्टैंडर्ड ASCII पर आधारित थे, जो अंग्रेजी कैरेक्टर्स तक ही सीमित थे। इसकी वजह से अन्य किसी भाषा में वेबसाइट या ई-मेल अड्रेस क्रिएट करना असंभव था।

तकनीकी दिक्कत हुई दूर

1980 से रिसर्चर्स गैर अंग्रेजी भाषाओं के सपोर्ट के लिए काम कर रहे थे। अब वेब ब्राउजर अलग भाषाओं के कोड्स को कन्वर्ट कर लेते हैं और यूजर को उनकी भाषा में वेब अड्रेस दिखते हैं। हालांकि, भारत में उपलब्ध कई हिन्दी या अन्य भाषाओं की वेबसाइट्स में अभी अंग्रेजी वेब अड्रेस ही इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत सरकार ने लोकल लैंग्वेज को प्रमोट करने के लिए कई सरकारी वेबसाइट्स को अब हिन्दी वेब अड्रेस में उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। इन वेबसाइट्स के डोमेन नेम में .भारत का इस्तेमाल किया जाएगा।

गृह मंत्रालय के अलावा मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY), मिनिस्ट्री ऑफ माइनॉरिटी अफेयर्स और नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) की वेबसाइट के वेब अड्रेस अब हिन्दी में उपलब्ध हैं। इसके लिए Bhashanet प्रोग्राम चलाया जा रहा है ताकि अन्य सरकारी एजेंसियां भी लोकल भाषा वाले IDNs का इस्तेमाल कर सके।

यह भी पढ़ें - Xiaomi ला रहा 7000mAh बैटरी वाला प्रीमियम फोन, Apple, OnePlus, Samsung की उड़ी नींद