गर्मियां शुरू होते ही AC की जरूरत महसूस होती है। अप्रैल से लेकर सितंबर-अक्टूबर तक पूरे भारत में जबरदस्त गर्मी पड़ती है। ऐसे में अगर आप भी अपने घर में नया एसी लगवाना चाहते हैं तो कुछ बातों को ध्यान रखना चाहिए। कई बार लोग अपने कमरे की साइज के हिसाब से सही एसी का चुनाव नहीं कर पातें हैं। बड़े कमरे में कम कैपेसिटी वाला और छोटे कमरे में ज्यादा कैपेसिटी वाला एसी लगवा लेते हैं। ऐसे में एसी लगाने के बाद भी कूलिंग की समस्या बनी रहती है।
कितनी कैपेसिटी का एसी लगाएं?
1 और 1.5 टन वाले एसी सबसे ज्यादा डिमांड में रहते हैं। इसके पीछे की वजह ये है कि इस साइज के एसी छोटे और मीडियम साइज के रूम के लिए सही होते हैं। अगर, आपके पास 1 टन का एसी है तो आपके कमरे का साइज कितना होना चाहिए? आपके मन में भी यह सवाल चल रहा होगा? हम आपको इसके बारे में सटीक जानकारी देते हैं।
1 टन कैपेसिटी वाला एसी प्रति घंटे 12,000 BTU यानी ब्रिटिश थर्मल यूनिट गर्मी को हटा सकता है यानी की इसकी कूलिंग कैपेसिटी 12,000 BTU रहती है। इस दौरान यह एसी 0.8 से 1.2 यूनिट की बिजली खपत करता है। ऐसे में अगर आप पूरे दिन एसी को चलाएंगे तो करीब 20 से 24 यूनिट तक की बिजली खपत होगी। हालांकि, यह एसी के फीचर्स पर भी निर्भर करता है।
एक टन का एसी 80 से 120 वर्ग फीट के कमरे के लिए परफेक्ट माना जाता है। यानी अगर, आपके कमरे का साइज 10 x 12 है या इससे कम है तो 1 टन वाला एसी पर्याप्त होगा। वहीं, अगर कमरे का साइज 10 x 14, 10 x 15 या 10 x 17 तक है तो आप 1.5 टन का एसी लगा सकते हैं। अगर, कमरा और भी ज्यादा बड़ा है तो दो 1 टन वाले एसी या फिर एक 2 टन वाला एसी लगवा सकते हैं।
इसके अलावा अगर कमरा टॉप फ्लोर पर है और उसमें ज्यादा धूप आती है तो इसके लिए ज्यादा कैपेसिटी वाले एसी की जरूरत होगी। ऊपर के कमरे का साइज 10 x 12 है तो भी आपको 1.5 टन के एसी की जरूरत पड़ सकती है। धूप की वजह से घर की ज्यादा गर्म हो जाएगा और कमरे में हीट बढ़ जाएगा। ऐसे में कम कैपेसिटी वाला एसी जितनी स्पीड से कमरा ठंडा करेगा उतनी ही स्पीड से कमरा गर्म भी होगा, जिसकी वजह से कमरे में अच्छी ठंडक नहीं मिलेगी और गर्मी का एहसास होगा।
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