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Gmail में मिलने लगा WhatsApp वाला खास फीचर, जानें कैसे करें यूज

Gmail यूजर्स को एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फीचर मिलने लगा है। गूगल ने आधिकारिक तौर पर यह कंफर्म कर दिया है। अब जीमेल यूजर्स के मैसेज भी WhatsApp की तरह ही प्राइवेट रहेंगे।

Gmail new feature- India TV Hindi
Image Source : UNSPLASH जीमेल में नया फीचर

Gmail यूजर्स को अब WhatsApp जैसा तगड़ा प्राइवेसी फीचर मिलने लगा है। गूगल ने चुनिंदा जीमेल यूजर्स के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फीचर रोल आउट किया है। Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर Gmail यूजर्स को यह प्राइवेसी फीचर मिलने लगा है। ऐसे में जीमेल यूजर्स को ई-मेल भेजने के लिए किसी एक्सटर्नल सॉफ्टवेयर या एक्सटेंशन की जरूरत नहीं होगी। एक यूजर से दूसरे यूजर को सुरक्षित तरीके से ई-मेल मिल सकेगा।

मोबाइल यूजर्स को मिलेगी सुविधा

गूगल ने अपने आधिकारिक ब्लॉग-पोस्ट के जरिए एंड्रॉइड और iOS डिवाइस के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फीचर के एक्सपेंशन का ऐलान किया है। जीमेल के नए अपडेट के साथ यूजर्स इस प्राइवेसी फीचर को एक्सेस कर पाएंगे। ई-मेल भेजने, रिसीव करने और पढ़ने में पूरी प्राइवेसी मिलेगी। गूगल ने बताया कि इस अपडेट का रैपिड रिलीज दोनों ही डिवाइसेज के लिए लाइव किया जा चुका है। मोबाइल में एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन कैपेबिलिटीज मिलने लगेगी।

गूगल ने पहले E2E फीचर को पहले केवल डेस्कटॉप यूजर्स के लिए रोल आउट किया था। गूगल ने इस फीचर को वर्क स्पेस के एंटरप्राइज यूजर्स के लिए रोल आउट किया है। जिन यूजर्स के पास एंटरप्राइज का सब्सक्रिप्शन है वो इस फीचर को यूज कर पाएंगे।

कैसे करें यूज?

Gmail यूजर्स को सबसे पहले अपने मोबाइल ऐप को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर के साथ अपडेट करना होगा। नया रैपिड अपडेट मिलने के बाद ही यूजर्स इस नए प्राइवेसी फीचर को यूज कर पाएंगे। इसके लिए यूजर को अलग से कोई स्टेप फॉलो करने की जरूरत नहीं होगी। यह एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फीचर बाई-डिफॉल्ट जीमेल यूजर्स को मिलेगा।

क्या होता है एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन?

दरअसल, End-to-End Encryption एक तरह का डिजिटल सिक्योरिटी लॉक सिस्टम है। यह प्राइवेसी फीचर एक तरह के डिजिटल कोडिंग पर निर्भर रहता है, जिसमें यूजर द्वारा भेजे गए मैसेज या ई-मेल को केवल रिसीवर ही पढ़ सकता है। रिसीवर के अलावा अन्य कोई उस ई-मेल को एक्सेस नहीं कर पाएगा। गूगल के डेटा सिस्टम में भी यह ई-मेल एनक्रिप्टेड कोड के साथ स्टोर होगा, ताकि कोई उसे एक्सेस न कर सके। साधारण भाषा में कहा जाए तो किसी एक यूजर से दूसरे यूजर को भेजा गया मैसेज केवल उन दोनों के बीच ही रहेगा, उस मैसेज को कोई दूसरा डिकोड न हीं कर सकता है।

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