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तेलंगाना जातिगत जनगणना: 5 फरवरी को हो सकती है मंत्रिमंडल बैठक, 1.16 करोड़ परिवारों का डेटा तैयार

तेलंगाना में जातिगत जनगणना पिछले साल हुई थी। हालांकि, अब तक इसके आंकड़े नहीं जारी किए गए हैं। तेलंगाना सरकार ने अधिकारियों को जो फरवरी तक रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

Revanth Reddy- India TV Hindi
Image Source : PTI तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी

तेलंगाना मंत्रिमंडल की बैठक पांच फरवरी को होने की संभावना है। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि इस बैठक में जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट पर अगली कार्रवाई पर चर्चा होगी। इससे पहले जातिगत जनगणना की रिपोर्ट दो फरवरी तक सरकार को सौंपी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि बैठक में जाति सर्वेक्षण पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें रिपोर्ट को आधिकारिक दर्जा देना और अन्य मुद्दे शामिल हैं। 

पिछले साल राज्य में जाति सर्वेक्षण हुआ था। अधिकारियों ने 29 जनवरी को इस विषय पर एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को सर्वेक्षण के बारे में जानकारी दी थी। मुख्यमंत्री ने सर्वेक्षण को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है, इसे देखते हुए सर्वेक्षण को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए अधिकारियों की सराहना की। 

जनगणना में एक लाख से ज्यादा कर्मचारी लगे

तेलंगाना सरकार का व्यापक सामाजिक-आर्थिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति सर्वेक्षण छह नवंबर, 2024 को शुरू हुआ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव में जातिगत जनगणना का वादा किया था और अब रेवंत रेड्डी सरकार इसे पूरा कर रही है। राज्य के सभी 33 जिलों में दिसंबर के पहले सप्ताह में सर्वेक्षण पूरा हो गया। राज्य योजना विभाग द्वारा किए गए घरेलू सर्वेक्षण में गणनाकर्ताओं, पर्यवेक्षकों और डेटा एंट्री ऑपरेटरों सहित एक लाख से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। 

1.16 करोड़ परिवारों का डेटा तैयार

सर्वेक्षण में राज्य में लगभग 1.16 करोड़ परिवारों की पहचान की गई और 96 प्रतिशत से अधिक परिवारों का विवरण एकत्र किया गया। 29 जनवरी को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि सभी विवरणों की डेटा प्रविष्टि भी पूरी हो चुकी है। तेलंगाना सरकार के अधिकारों ने एक बैठक के दौरान सीएम रेड्डी को बताया कि वे पिछले साल राज्य में हुए जाति सर्वेक्षण पर दो फरवरी तक रिपोर्ट सौंपेंगे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को समझाया कि कुछ परिवारों ने अपना विवरण साझा करने से इनकार कर दिया और कुछ अन्य उपलब्ध नहीं थे। दिसंबर 2023 में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के दो महीने के भीतर राज्य मंत्रिमंडल ने घर-घर जाकर परिवार सर्वेक्षण के माध्यम से जाति जनगणना कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। 

जातिगत जनगणना पर मसौदा रिपोर्ट तैयार

पिछले साल 16 फरवरी को विधानसभा ने सर्वेक्षण कराने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था। पिछले साल 12 सितंबर को राज्य सरकार ने सर्वेक्षण कराने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए राज्य सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी के नेतृत्व में एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया था। सीएम रेवंत रेड्डी ने कैबिनेट उप-समिति द्वारा की गई सिफारिशों पर चर्चा की और सर्वेक्षण करने के लिए योजना विभाग को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सर्वेक्षण पर एक मसौदा रिपोर्ट तैयार है और अंतिम रिपोर्ट दो फरवरी तक पेश की जाएगी। (इनपुट- पीटीआई)