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इथेनॉल फैक्ट्री लगाने के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन, तेलंगाना पुलिस ने कही ये बात

तेलंगाना में एक इथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में ग्रामीणों द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने फैक्ट्री के शेड्स को और कंटेनर को आग के हवाले कर दिया।

Villagers protest against setting up an ethanol factory Telangana police said this- India TV Hindi
Image Source : PTI प्रतीकात्मक तस्वीर

तेलंगाना के जोगुलम्बा गडवाल जिले के एक गांव के लोगों द्वारा इथेनॉल संयंत्र को लगाए जाने का विरोध किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस संयंत्र के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।  पुलिस ने बताया राजोली मंडल के पड्डा धनवाड़ा गांव के पास बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, जहां कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू करने का प्रस्ताव रखा था। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि कंपनी को स्थापित करने के लिए जो अनुमति दी गई है, उसे रद्द कर दिया जाएगा। बता दें कि 7 से 8 गांवों के लोगों ने कथित तौर पर कंपनी प्रबंधन द्वारा लगाए गए अस्थायी आश्रयों और शेड्स को आग के हवाले कर दिया और कंटेनर में भी आग लगा दी। 

तेलंगाना में ग्रामीणों का प्रदर्शन

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक चार पहिया वाहन को उल्टा कर दिया और उसपर लाठियों से हमला किया। इसके अलावा कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और एक अर्थ मूविंग मसीन की खिड़की के शीशे को क्षथिग्रस्त कर दिया। प्रदर्शन बढ़ता देख पुलिस ने इसमें हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी को एक साल पहले पेड्डा धनवाड़ा गांव के पास 35-40 एकड़ जमीन पर अनाज आधारित इथेनॉल संयंत्र स्थापित करने के लिए लाइसेंस की अनुमति मिली थी। उन्होंने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने ग्रामीणों के साथ चर्चा भी की लेकिन वे इस संयंत्र का विरोध करते रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के बीच विचार-विमर्श आयोजित करने की भी 
कोशिश की, लेकिन ग्रामीण इससे सहमत नहीं हुए।

क्या बोले पुलिस अधिकारी?

बता दें कि मंगलवार को कंपनी प्रबंधन के लोग काम शुरू करने के लिए प्रस्तावित स्थल पर गए थे। पुलिस ने बताया कि इस दौरान ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसके बाद कंपनी प्रबंधन के लोग और कर्मचारी वहां से चले गए। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण इथेनॉल संयंत्र का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि इससे उनकी कृषि भूमि को नुकसान पहुंच सकता है और इससे लगातार कुछ गंदी गैसें निकल सकती हैं। पुलिस ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा ग्रामीणों को भड़काया भी जा रहा है कि अगर परियोजना शुरू की गई तो उन्हें अपनी जगह छोड़ देनी चाहिए और उनकी कृषि भूमि पूरी तरह केमिकल्स के कारण खराब हो जाएगी।

(इनपुट-पीटीआई)