अग्निवीर भर्ती के मेडिकल में पास कराने के नाम पर देता था झांसा, बरेली में पकड़ा गया ठग
बरेली पुलिस ने एक ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी अग्निवीर भर्ती के मेडिकल में फेल हुए युवाओं को अपने जाल में फंसाता था और पैसे ले लेता था।

उत्तर प्रदेश के बरेली में अग्निवीर भर्ती के मेडिकल में फेल होने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा पास कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी खुद को आर्मी का रिटायर्ड हवलदार बताता था। वह अभ्यर्थियों को भरोसे में लेने के लिए आर्मी से जुड़े फर्जी दस्तावेज और मुहर का इस्तेमाल करता था। मिलिट्री खुफिया इकाई की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को मिलिट्री हॉस्पिटल के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान राजेश तिवारी सैरपुर, लखनऊ के के रूप में हुई है।
मेडिकल में पास कराने के नाम पर लिए थे 40 हजार रुपये
पुलिस के मुताबिक, राजेश ने एक अग्निवीर अभ्यर्थी को मेडिकल में पास कराने का भरोसा देकर उससे 40 हजार रुपये लिए थे। तलाशी के वक्त उसके पास से एक रजिस्टर, फर्जी मुहर, मोबाइल और आर्मी के कैंटीन कार्ड की छायाप्रति बरामद हुई है। आरोपी मेडिकल में फेल होने वाले अभ्यर्थियों से संपर्क करता था। वह उन्हें फर्जी कॉलअप लेटर और रेफरल लेटर दिखाकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद दावा करता था कि उसने पहले भी कई अभ्यर्थियों को दोबारा मेडिकल में पास कराया है। अभ्यर्थी से बातचीत के बाद उसकी पूरी जानकारी व्हाट्सएप के जरिए गजेंद्र सिंह को भेजी जाती थी। इसके बाद राजेश अभ्यर्थी से रुपये लेता था। इसमें अपना हिस्सा रखने के बाद बाकी रकम गजेंद्र सिंह के बताए खाते में भेज देता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और ठगी के शिकार हुए अभ्यर्थियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस में मिला रजिस्टर, सभी अभ्यर्थियों की जानकारी इसमें नोट मिली
पुलिस को आरोपी के पास मिले रजिस्टर में कई अग्निवीर अभ्यर्थियों के नाम, रोल नंबर और उनके मेडिकल में फेल होने के कारण दर्ज मिले हैं। इसके अलावा 108 महार रेजिमेंट से जुड़े तीन फर्जी कॉलअप लेटर की छायाप्रतियां भी बरामद हुई हैं। इन दस्तावेजों के जरिए आरोपी अभ्यर्थियों को यह विश्वास दिलाता था कि उसकी आर्मी के ऑफिसर तक पहुंच है और वह मेडिकल में फेल होने के बाद दोबारा पास करा सकता है। पूछताछ में राजेश ने पुलिस को बताया कि वह पहले जबलपुर में एक अकादमी चलाता था। अग्निवीर भर्ती व्यवस्था शुरू होने के बाद उसने अभ्यर्थियों को मेडिकल में पास कराने के नाम पर ठगी करना शुरू कर दिया। इस काम में उसका साथी गजेंद्र सिंह भी शामिल था।
आरोपी और गजेंद्र सिंह में व्हाट्सएप होती थी चैट
पुलिस की जांच में राजेश के फोन से ठगी की रकम लेने का प्रमाण भी मिला है। 21 अगस्त को अंकित सिंह चौहान नाम के अभ्यर्थी से राजेश ने यूपीआई के माध्यम से 40 हजार रुपये लिए थे। यह पैसा उसके रजिस्टर में भी दर्ज था। फोन में गजेंद्र सिंह के साथ व्हाट्सएप चैट मिली है, जिसमें रेफरल फॉर्म और पैसे के लेनदेन को लेकर बातचीत हुई थी। पुलिस उसके साथी गजेंद्र सिंह की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने अग्निवीर अभ्यर्थियों से ठगी की है।
एसपी सिटी ने दी घटना की पूरी जानकारी
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया मिलिट्री इंटेलिजेंस बरेली की सूचना पर थाना कैंट पुलिस और SOG के जॉइंट एफर्ट्स से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। जिसका नाम राजेश तिवारी है। मिलिट्री अस्पताल के सामने से यह अग्निवीर परीक्षा के अभ्यर्थी, जिनका री-मेडिकल बरेली मिलिट्री अस्पताल में चल रहा था, उनके साथ जालसाजी करता था। उन्होंने बताया कि 2016 से राजेश अकादमी चला रहा था। आर्मी में भर्ती की कोचिंग जबलपुर में कराता था। साल 2019-20 में यह लखनऊ शिफ्ट हो गया। इसके बाद भी इसी प्रकार का काम करता रहा। इसके और भी साथी हैं, उनकी सूचना प्राप्त हुई है। कुछ साथी पंजाब में हैं और कुछ राजस्थान में हैं। डिटेल्स इसमें खंगाली जा रही हैं और जल्दी उन तक भी पहुंचा जाएगा।
बैंक अकाउंट से मिले संदिग्ध ट्रांजैक्शंस
आरोपी के पास से एक मुहर मिली है, जो 155 इन्फैंट्री बटालियन जबलपुर की है। कुछ नियुक्ति पत्र भी मिले हैं। एक रजिस्टर मिला है, जिसमें यह अभ्यर्थियों के नाम नोट करता था। उसमें फिट अथवा अनफिट की कैटेगरी बना रखी थी। रजिस्टर की फोटोग्राफ भेजकर यह अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाता था कि वह जेनुइन काम कर रहा है। पोस्ट ऑफिस में जॉब लगाने को लेकर ठगी करना, टेरिटोरियल आर्मी में जॉब लगाने को लेकर ठगी करना और अग्निवीर की भर्ती में ठगी करना। तीन प्रकार से इसकी धोखाधड़ी सामने आई है। इसका अकाउंट भी चेक किया गया है और बहुत सारे ऐसे ट्रांजैक्शंस हैं, जो संदिग्ध हैं।
बरेली से विकास साहनी की रिपोर्ट
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