लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार शाम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मुलाकात की। सपा और सीजेपी के दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस मुलाकात को अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
करीब डेढ़ घंटे तक हुई मुलाकात
सूत्रों के मुताबिक, आशुतोष रांका और अखिलेश यादव की मुलाकात शाम करीब 4 बजे समाजवादी पार्टी मुख्यालय के पास स्थित जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट के कार्यालय में हुई। दोनों के बीच लगभग डेढ़ घंटे तक बातचीत चली। बैठक खत्म होने के बाद रांका वहां से निकल गए, लेकिन उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। समाजवादी पार्टी की ओर से भी मुलाकात के उद्देश्य या उसमें हुई बातचीत को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने रांका और अखिलेश यादव की मुलाकात की पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने कहा कि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
राजेंद्र चौधरी ने और क्या कहा?
राजेंद्र चौधरी ने कहा कि बातचीत में युवाओं से जुड़े मुद्दे, बेरोजगारी और स्कूलों में शिक्षा की स्थिति जैसे विषयों पर चर्चा हुई हो सकती है। ये वे मुद्दे हैं, जिन्हें अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार के खिलाफ लगातार उठाते रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ Gen Z और Gen Alpha की चिंताओं पर भी बातचीत हो सकती है। शिक्षा से जुड़े मुद्दों को आगे उठाने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इन बातों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रांका पर हाल ही में हुआ था हमला
आशुतोष रांका और अखिलेश यादव की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब CJP पिछले कुछ महीनों से छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय है। पिछले महीने राजस्थान में 'स्कूल ठीक करो' अभियान के दौरान रांका पर कथित तौर पर हमला हुआ था। इसके बाद अखिलेश यादव ने सार्वजनिक तौर पर इस मुद्दे को उठाया था। वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके बाद सपा सांसद डिंपल यादव और आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव समेत पार्टी के कई नेता प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे और छात्रों के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया था। अखिलेश यादव भी कई मौकों पर CJP की ओर से चलाए जा रहे छात्र आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं।
सरकार को इन मुद्दों पर घेरते रहे हैं अखिलेश
अखिलेश यादव लंबे समय से शिक्षा और स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरते रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर स्कूलों के बंद होने को लेकर सवाल उठाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार से स्कूलों के बंद होने के मुद्दे पर सवाल किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों के बंद होने को लेकर भी वह राज्य सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी, शिक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर बीजेपी सरकार पर लगातार हमला करती रही है।
यूपी चुनाव से पहले मुलाकात क्यों अहम?
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं। ऐसे में अखिलेश यादव और CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता की यह मुलाकात राजनीतिक तौर पर अहम मानी जा रही है। हालांकि, बैठक में क्या तय हुआ या भविष्य में दोनों पक्षों के बीच किसी तरह का राजनीतिक तालमेल होगा या नहीं, इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बैठक के एजेंडे और नतीजे को लेकर भी दोनों पक्षों ने सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है।
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