AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी आज (रविवार को) यूपी के चुनावी दंगल में उतरने वाले हैं। आज ओवैसी कानपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले उन्होंने इंडिया टीवी से EXCLUSIVE बातचीत की है। ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और बीजेपी पर जोरदार अटैक किया है। ओवैसी ने कहा कि सपा के वक्त में यादवों का राज था, बीजेपी की सरकार में ठाकुरों का राज है। साथ ही, ओवैसी ने योगी सरकार पर मुसलमानों को टारगेट करने का आरोप लगाया है। वहीं, अखिलेश यादव से गठबंधन को लेकर भी ओवैसी ने खुलकर बात की है। आइए जानते हैं कि असदुद्दीन ओवैसी ने और क्या कहा?
मुस्लिम समाज केवल वोटर बनकर रह गया है- ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि यूपी में विकास, सामाजिक न्याय पर काम नहीं हो रहा है। सपा में Y और अब दस साल से यूपी में T का राज है। पहले बुलडोजर से मुसलमानों के घर को तोड़ा जाता था और अब मस्जिद, कब्रिस्तान तोड़े जा रहे हैं। यूपी की सियासत में मुसलमानों की स्थिति का मुद्दा उठाते हुए ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम समाज केवल वोटर बनकर रह गया है। सहारनपुर ही नहीं संभल में भी मस्जिद को तोड़ा गया। इसके अलावा, कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि एनकाउंटर में सबसे ज्यादा मुसलमानों का नंबर है। रूल ऑफ लॉ से सरकार नहीं चलाई जा रही है।
यूपी में विकल्प के तौर पर उभरकर सामने आई AIMIM
वहीं, अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वे मुसलमानों के मुद्दों पर क्यों नहीं बात करते हैं। आप सत्ता में थे, तब भी मुजफ्फरनगर दंगा नहीं रोक पाए थे। दूसरी तरफ, मुझसे लोग कह रहे हैं कि आप चुप रहिए, जुबान सिल लीजिए। साथ ही, यूपी चुनाव में AIMIM की स्थिति पर बात करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि AIMIM, यूपी में विकल्प के तौर पर उभरकर सामने आई है। सपा में ईमानदारी नहीं, वे अपने गिरेबां में नहीं झांकते हैं। 2022 में सपा से अलायंस की कोशिश की थी। जहां सपा के विधायक नहीं हैं, वो सीटें मांगी थीं।
अभी गठबंधन पर किसी से नहीं हुई फाइनल बात
ओवैसी ने कहा कि सभी पार्टियों से हमने खुद ही बात की है कि बीजेपी को रोकना है तो सबको साथ आना होगा लेकिन बातचीत चल रही है। किसी से भी कोई फाइनल बातचीत नहीं हुई है। 2022 के चुनाव में अखिलेश यादव से तो नहीं लेकिन हां उत्तर प्रदेश के बड़े मुफ्ती से मुलाकात हुई थी और उन्होंने मुझसे कहा था कि आप चुनाव मत लड़िए। तब हमने कहा ठीक है आप बात कर लीजिए, जिस पर हमने कैंडिडेट्स घोषित कर रखे हैं, अगर उनकी सीट हो जाएगी तो ठीक है, हम गठबंधन कर लेंगे। उन्होंने कहा कि ठीक है। हमने मुलाकात करके आपकी बात बता दी है, लेकिन तब से लेकर आज तक कितने साल बीत गए कोई जवाब नहीं आया।
मुसलमानों से पार्टियों ने सिर्फ दरी बिछवाई
असदुद्दीन ओवैसी बोले कि यह गठबंधन होने के बाद ही तय हो पाएगा कि कितनी सीटें हम लड़ेंगे या कितनी सीटें नहीं लड़ेंगे। गठबंधन के बाद ही चीजें स्पष्ट हो पाती हैं उससे पहले नहीं। लोगों ने सिर्फ मुसलमान का इस्तेमाल किया है, उनका वोट लिया है, उनसे दरी बिछवाई है। उनका हक नहीं दिया है। इससे पहले हाल ही में एक बयान में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि अपनी खुन्नस मिटाने के लिए हमारी मस्जिद नहीं गिरा सकते।
जयंत विवाद को लेकर अखिलेश पर साधा निशाना
वहीं, BSP में आंतरिक विवाद पर ओवैसी बोले कि बहुजन समाज पार्टी में क्या चल रहा है, उनके परिवार में क्या चल रहा है। इसके बारे में बहुत ज्यादा नहीं बोल सकता हूं। ये उनका आंतरिक मामला है। राजनीति में भाषा की एक मर्यादा होती है और जयंत चौधरी को लेकर के जो बात कही अखिलेश यादव ने, बहुत ही ज्यादा गलत है। जयंत चौधरी, चौधरी चरण सिंह के बेटे हैं। चरण सिंह, देश के वजीर आजम रह चुके हैं। इस तरीके की बातों को बोलने से पहले कई बार सोचना चाहिए और यह सोचना चाहिए कि जब मिलेंगे तो चेहरा कैसे मिलेगा। अखिलेश यादव का यह बहुत गलत स्टेटमेंट था।
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