यूपी में अयोध्या से 100 किलोमीटर दूर श्रावस्ती में बीते रविवार को असदुद्दीन ओवैसी ने तकरीर की। यहां ओवैसी बीजेपी से ज्यादा समाजवादी पार्टी को टारगेट करते नजर आए। सीएम योगी आदित्यनाथ से अधिक ओवैसी इन दिनों अखिलेश यादव पर हमलावर हैं। ओवैसी का कहना है कि अखिलेश यादव मुसलमानों के वोट लेकर चुप हो जाते हैं और मदरसे बंद होने या मुसलमानों के घरों पर बुलडोजर चलने का विरोध भी नहीं करते हैं। दरअसल, ओवैसी अलायंस में आना चाहते थे, लेकिन अखिलेश ने इस बारे में बात भी नहीं की। अब ओवैसी बदला ले रहे हैं। यूपी चुनाव में मुस्लिम वोट बहुत बड़ा फैक्टर है। यूपी में सियासत की ऐसी बिसात बिछ रही है, जिसमें सस्पेंस बहुत है।
यूपी में पूर्व से पश्चिम तक प्रचार करेंगे ओवैसी
बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी यूपी पहुंच चुके हैं। बीते रविवार को उन्होंने अवध क्षेत्र का श्रावस्ती घूमा। अगले रविवार को ओवैसी आजमगढ़ जाएंगे। फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी उनके दौरे लगेंगे। उधर, ओवैसी का नाम सुनते ही समाजवादी पार्टी परेशान हो जाती है। अखिलेश यादव की पार्टी को जितना डर ओवैसी से लगता है उतना डर किसी से नहीं लगता। वजह ये है कि यूपी का मुसलमान अभी तक समाजवादी पार्टी को एकतरफा सपोर्ट करता रहा है।
अलायंस में ना शामिल किए जाने का बदला लेंगे ओवैसी
दरअसल, 2022 में सपा गठबंधन को 79 प्रतिशत और 2024 में सपा-कांग्रेस अलायंस को 92 फीसदी मुस्लिम वोट मिले थे। अगर ओवैसी ने इस वोट बैंक में डेंट मार दिया तो अखिलेश का दोबारा मुख्यमंत्री बनने का सपना सपना ही रह जाएगा। उधर, ओवैसी की कोशिश यही है। मजलिस के नेता ने INDIA अलायंस में शामिल होने की अर्जी लगाई थी और 2 अक्टूबर तक की डेडलाइन दी थी। वो डेडलाइन बीत चुकी है और अब ओवैसी मुस्लिम वोट के तलबगार बनकर यूपी में खूब घूम रहे हैं।
चुनाव के लिए योगी ने तैयार की हिंदुत्व की पिच
दूसरी तरफ, सीएम योगी आदित्यनाथ यूपी में हिंदुत्व वोट का किला बनाकर चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। हाल में सीएम योगी ने एक रैली में कहा था कि आज भी वे बांटने वाले तत्व जाति के नाम पर, क्षेत्र के नाम पर, भाषा के नाम पर और तमाम अन्य बातों के आधार पर समाज की एकता को छिन्न-भिन्न करने का काम कर रहे हैं। ये राष्ट्रमाता के प्रति अपराध है। भारत माता के प्रति अपराध है। अपने पूर्वजों के प्रति अपराध है। भारत की स्वाधीनता को फिर से खतरे में डालने की एक शरारतपूर्ण चेष्टा है। उधर, योगी ने भदोही जिले का नाम बदलने का ऐलान कर दिया है। अब भदोही सद्गुरु संत रविदास के नाम पर जाना जाएगा।
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