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अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी करने वालों की संख्या 5 से 6 थी, दान पात्र से निकाल रहे थे मोटी रकम: सूत्र

राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला चर्चा में बना हुआ है और ये जानकारी सामने आई है कि चोरी करने वाले लोगों में करीब 5 से 6 लोग शामिल थे।

Ram Mandir- India TV Hindi
Image Source : PTI/INDIA TV राम मंदिर

अयोध्या: यूपी के अयोध्या स्थित प्रसिद्ध राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला चर्चा में है। इस चोरी मामले की जांच SIT कर रही है। इस बीच सूत्रों के हवाले से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अब तक की जांच में पता लगा है कि चोरी करने वाले कर्मचारियों की संख्या 5 से 6 थी।

कर्मचारी पैसों की चोरी कर रहे थे और इस बात को ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने कैमरे के माध्यम से कन्फर्म किया। लेकिन कोई शिकायत अबतक ट्रस्ट ने पुलिस में नहीं की है। संभव है कि आंतरिक जांच जारी थी। तब तक इस मामले का खुलासा हो गया।

दान पात्र से निकाले जा रहे थे पैसे

बताया जाता है कि कर्मचारी दान पात्र से बड़ी संख्या में पैसे निकाल रहे थे। करीब 40 दान पात्र इस वक्त मंदिर परिसर में लगे हुए हैं, जो शुरुआत में मंदिर बनने के बाद करीब 10 हुआ करते थे। जो कर्मचारी पैसे गिनने की प्रक्रिया में लगते थे, उनकी संख्या कुल 50 थी, जिसमें ट्रस्ट के निगरानी करने वाले लोग भी थे।

SIT जांच में जुटी

चोरी मामले की जांच में एसआईटी जुटी हुई है। एसआईटी सभी लोगों के हालही के दिनों में हुए लेन-देन का जानकारी निकाल रही है। फिर चाहें वो इनवेस्टमेंट हो या कोई और दूसरा बड़ा खर्च।  चोरी कब से हो रही है, ये अब तक की जांच में बड़ा सवाल है। एसआईटी इस पर भी काम कर रही है।

अब तक इस मामले में क्या हुआ?

राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला सामने आने के बाद फौरन SIT बनाई गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई। योगी सरकार ने आदेश दिया है कि इस मामले की जांच रिपोर्ट 15 दिन में सौंपें। ऐसे में एसआईटी की टीम आज दूसरे दिन राम मंदिर में जांच करने पहुंची थी।

एसआईटी की टीम ने सोमवार को 42 से ज्यादा कर्मचारियों से पूछताछ की थी। इसमें ट्रस्ट के लोगों से भी पूछताछ जारी है।

राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव नाम के एक शख्स की भूमिका संदिग्ध, इंडिया टीवी से बात की

इस मामले में राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव नाम के एक शख्स का नाम भी सामने आया है, जिसकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। हालांकि टिन्नू यादव ने इंडिया टीवी से बातचीत के दौरान बताया, "चढ़ावे की गिनती से मेरा कोई लेना देना नहीं था। मेरा काम केवल मंदिर में साफ सफाई, पानी की व्यवस्था और पंखे लगवाना जैसी व्यवस्था देखना था। SIT जांच कर रही है। दूध का दूध पानी का पानी होगा। भगवान देख रहे हैं सब, जो दोषी हो उसपर कार्रवाई भी होनी चाहिए।"

टिन्नू यादव ने अपनी संपत्ति के बारे में भी इंडिया टीवी को बताया और कहा कि 2008 में मैंने जमीन खरीदी थी, फिर हॉस्टल बनाया। मेरे टेंपो चलते थे और मै संगठन में ड्राइवर का काम करता था।