यूपी के रामपुर में जिला जेल से बाहर आते ही सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को ED की टीम ने हिरासत में ले लिया। दोनों को गाड़ी में बैठाने के समय धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान, आजम खान की ईडी अधिकारियों से बहस भी हुई। उधर, जेल के बाहर सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ती रही। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया और आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। मौके पर समर्थकों का हंगामा जारी रहा।
पैन कार्ड वाले मामले में रिहा हुए थे आजम-अब्दुल्ला
गौरतलब है कि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के वकील ने अपने मुवक्किलों की जेल से 'रिहाई' के ऑर्डर आज (शनिवार को) ही रामपुर जेल प्रशासन को भेजे थे। वकील मोहम्मद जुबैर खान ने बताया था कि पैन कार्ड बनवाने के केस में बीते गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से आजम और अब्दुल्ला को मिली सात-सात साल की सजा निलंबित किए जाने के बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। रामपुर की संबंधित एमपी/एमएलए कोर्ट ने दोनों की रिहाई के ऑर्डर जारी कर दिए हैं।
आजम-अब्दुल्ला की दोषसिद्धि पर नहीं लगी है रोक
बता दें कि बीते गुरुवार को जस्टिस समित गोपाल ने रामपुर की कोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल Revision Petition पर यह ऑर्डर पारित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनके बेटे की सजा भी निलंबित कर दी थी, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने इससे पहले आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी और एनआई जाफरी एवं अधिवक्ता शाश्वत आनंद की दलीलें सुनने के बाद 15 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
2019 में दो पैन कार्ड वाले मामले में दर्ज हुई थी FIR
जान लें कि पिछले साल नवंबर में रामपुर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों के प्रयोग और आपराधिक साजिश का दोषी पाया था। इस मामले में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की तरफ से 2019 में एफआईआर दर्ज कराई गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला ने अलग-अलग डेट ऑफ बर्थ वाले दो पैन कार्डों का प्रयोग कर अनुचित लाभ लिया था।
(इनपुट- सय्यद आमिर)
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