प्रयागराज से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए सजा निलंबित कर दी है। हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग अदालत ने खारिज कर दी है।
दोनों ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग करते हुए क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की थी।
ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए सुनाई थी सजा
15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाया है। यह मामला अब्दुल्ला आजम खान के दो पैन कार्ड होने से जुड़ा है। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। दोनों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने अब जमानत अर्जी मंजूर करते हुए सजा निलंबित कर दी है, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की है।
पैन कार्ड मामले में फैसले पर टिकी थीं सबकी निगाहें
बता दें कि 2 पैन कार्ड का मामला काफी समय से चल रहा है। ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी थी कि कोर्ट क्या फैसला सुनाता है। वैसे तो आजम खान और उनके परिवार की मुश्किलें बीते लंबे समय से लगातार बढ़ रही हैं और एक के बाद एक उन्हें कानूनी चीजों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन आज का दिन आजम के लिए राहत की खबर लेकर आया है।
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर ED का बड़ा एक्शन
वहीं, एक अन्य मामले आजम खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। 28 अक्टूबर को ही आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर ईडी का बड़ा एक्शन सामने आया था। इस दौरान 426 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई थी और 1170 करोड़ बाजार कीमत आंकी गई थी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल ऑफिस ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अटैच करने की कार्रवाई की थी। ED का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन, सरकारी ठेकों से जुड़ी रकम और निर्माण सामग्री के कथित दुरुपयोग से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं।
यह भी पढ़ें-