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यूपी में डीएम ने क्लर्क को बना दिया चपरासी, 5 साल से कर रहा था नौकरी, तीन बार कंप्यूटर पर हिंदी टाइपिंग टेस्ट पास नहीं कर पाया

मीरगंज तहसील में कनिष्ठ सहायक पर तैनात एक कर्मचारी को डीएम ने चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी बना दिया। रेहान खान लगातार तीन बार हिंदी कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट में फेल हो गया था।

मीरगंज तहसील- India TV Hindi
Image Source : REPORTER मीरगंज तहसील

उत्तर प्रदेश के बरेली में मृतक आश्रित कोटे से कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात रेहान खान लगातार तीन बार हिंदी कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट पास नहीं कर सके। तीसरे और अंतिम अवसर में भी अनुत्तीर्ण होने के बाद डीएम ने उन्हें चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। रेहान खान मीरगंज तहसील में कार्यरत है।

तीन बार मिला मौका, लेकिन हो गए फेल

रेहान खान की नियुक्ति मृतक आश्रित के रूप में पांच जुलाई 2021 को कनिष्ठ सहायक के पद पर हुई थी। नियमानुसार उन्हें हिंदी कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट पास करना था। पहली परीक्षा 25 सितंबर 2023 को हुई, जिसमें वह अनुत्तीर्ण रहे। इसके बाद उन्हें दूसरा अवसर दिया गया, लेकिन 21 जून 2024 को हुई परीक्षा में भी वह पास नहीं हो सके।

रेहान को हिंदी टाइपिंग टेस्ट पास करने के लिए तीसरा और अंतिम मौका दिया गया। आठ सितंबर 2026 को हुए टेस्ट में भी वह निर्धारित मानक हासिल नहीं कर सके। इसके बाद शासनादेश के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। डीएम ने 16 सितंबर को आदेश जारी कर रेहान को चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्त कर दिया।

अन्य मृतक आश्रित कर्मचारी भी हुए फेल

बरेली प्रशासन ने कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट में अनुत्तीर्ण अन्य मृतक आश्रित कर्मचारियों को भी अगला अवसर दिया है। लक्ष्मी सक्सेना और राहुल कुमार को हिंदी टाइपिंग टेस्ट के लिए तीसरा एवं अंतिम मौका दिया गया है। वहीं संचित चौधरी को दूसरा अवसर मिलेगा। इन कर्मचारियों को कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट की तैयारी के लिए दो महीने का समय दिया गया है।

डीएम ने दी ये जानकारी

डीएम ने बताया रिहान खान जो कि एडब्लूबीएन मीरगंज का है और यह कनिष्ठ सहायक के पद पर 2021 में मृतक आश्रित कोटे से तैनात हुआ था। और लगातार  कनिष्ठ सहायक के पद पर है, उसको कंप्यूटर टाइपिंग आना अनिवार्य होता है। अगर तत्कालीन भर्ती के समय उसको नहीं आ रहा है, तो नियमानुसार उसको मौका दिया जाता है कि वह प्रैक्टिस कर ले और प्रैक्टिस करने के बाद वह टाइपिंग सीख ले जिससे कि वह टेस्ट में पास हो जाए। उसको मौका दिया गया जिसमें वह पास नहीं हो पाया, फिर दोबारा मौका दिया गया तब भी पास नहीं हुआ, फिर तीसरा  मौका देने पर तीनों ही बार में वह फेल हो गया है। 

इसमें जो शासनादेश कहता है, हमारा जो जीओ कहता है, उसके अंतर्गत जीओ के अनुसार कार्यवाही करते हुए इसको कनिष्ठ सहायक के पद से चतुर्थ श्रेणी के पद पर जो है इसका डिमोशन कर दिया है ​और इसी प्रकार कुछ हमारे यहां और भी कर्मचारी जो आए हुए हैं, मृतक आश्रित कोटे से हैं जिसमें एक संचित चौधरी हैं, राहुल कुमार, लक्ष्मी सक्सेना यह लोग भी लगातार कंप्यूटर टाइपिंग में फेल हो रहे हैं। अभी इनका मामला हमारे सामने पुनः आया था, उसको मैंने देखा और सहानुभूति के ग्राउंड पर इन दोनों को एक मौका मैंने अपनी तरफ से और दिया है कि 2 महीने के अंदर वह पुनः कंप्यूटर टाइपिंग सीख लें, जिससे कि वह अपनी कार्यक्षमता को बढ़ा सकें। 2 महीने के बाद भी अगर यह नहीं सीख पाते हैं, तो इनके खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी शासनादेशों के अनुसार त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही अमल में होगी।

रिपोर्टः विकास साहनी 

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