उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के कछौना कस्बे में लखनऊ खंड स्नातक एमएलसी चुनाव के मतदान के दौरान राजनीति का पारा उस वक्त अचानक बहुत ऊपर चला गया, जब सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी (SP) के समर्थक आमने-सामने आ गए। मतदान केंद्र के बाहर हुई यह तीखी नोकझोंक देखते ही देखते एक बड़े हंगामे और तनाव में बदल गई, जिससे वहां कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवालिया निशान खड़े हो गए। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुलिस के सामने ही चली अभद्र भाषा और हुई हाथापाई
जानकारी के मुताबिक, कछौना में चल रहे मतदान के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब भाजपा प्रत्याशी अवनीश कुमार सिंह और सपा प्रत्याशी कांति सिंह के समर्थक किसी बात को लेकर आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो जल्द ही नारेबाजी और धक्का-मुक्की में बदल गई। हैरानी की बात यह थी कि यह सारा हंगामा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुआ। वायरल वीडियो के अनुसार, मौके पर मौजूद भाजपा मंडल अध्यक्ष मयंक सिंह का गुस्सा इस कदर बढ़ा कि उन्होंने पुलिस की परवाह किए बिना खुलेआम अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
अवकित पर हमले की कोशिश से मचा हड़कंप
आरोप है कि मंडल अध्यक्ष ने उग्र होकर एक युवक को वहां मौजूद वकील रविकांत पटेल को पीटने के लिए उकसाया। इसके तुरंत बाद प्रतीक गुप्ता नाम का एक युवक आक्रामक तेवर दिखाते हुए अधिवक्ता रविकांत पटेल पर हमला करने के इरादे से उनकी तरफ दौड़ा। गनीमत यह रही कि वहां मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने तुरंत बीच-बचाव कर हमलावर युवक को रोक लिया, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया और इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
आला अधिकारियों ने संभाला मोर्चा और दी सख्त हिदायत
मतदान केंद्र पर बवाल की सूचना मिलते ही हरदोई प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (ADM) और अपर पुलिस अधीक्षक (ASP पूर्वी) भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों को शांत कराया और सभी को सख्त लहजे में हिदायत दी कि मतदान प्रक्रिया में खलल डालने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों से बहुत सख्ती से निपटा जाएगा। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की कड़ी निगरानी के बाद स्थिति किसी तरह सामान्य हुई और इसके बाद मतदान की प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सका।
हरदोई से राम श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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