उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खखरेरू कस्बे में एक दर्दनाक हादसे में 10 साल के बच्चे की मौत हो गई। सरायनी नगर मोहल्ले में कबूतर पकड़ते समय 200 फीट गहरे पुराने कुएं में गिरे मासूम रेहान का शव करीब 13 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आधी रात को बाहर निकाला जा सका। इस दौरान पूरे कस्बे में कोहराम मचा रहा।
कबूतर पकड़ते वक्त कुएं में गिरा मासूम
जानकारी के अनुसार, सरायनी नगर मोहल्ला निवासी साबिर अली का 10 वर्षीय बेटा रेहान रविवार दोपहर कबूतर पकड़ने के प्रयास में कुछ दूरी पर स्थित लगभग 200 फीट गहरे पुराने कुएं में जा गिरा। घटना के कारण हड़कंप मच गया। सूचना पर डायल-112 पुलिस, थाना पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
बांस की लकड़ी में फंसा मिला शव
कुएं में पानी अधिक होने के कारण शुरुआत में गोताखोरों को रेस्क्यू करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शाम ढलते ही कुएं से पानी निकालने का काम शुरू किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से लगभग 6 घंटे तक पानी निकालने के बाद जलस्तर कुछ कम हुआ तो देर रात गोताखोरों निषाद और सोहेल के साथ आमिर कुएं में उतरे। दोनों ने करीब आधी रात तक पानी के अंदर डुबकी लगाकर तलाश की, जिसके बाद रेहान का शव बांस की लकड़ी में फंसा हुआ मिला। रस्सी के सहारे शव को ऊपर खींचा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है।
छह घंटे चला पानी निकालने का अभियान, JCB भी लगानी पड़ी
कुएं में पानी अधिक गहराई तक होने की वजह से पानी निकालने के लिए जेसीबी मशीन और बड़े पाइपों का सहारा लेना पड़ा। मौके पर भारी भीड़ जमा थी और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में देर रात तक चला यह रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरकार सफल रहा, लेकिन मासूम को बचाया नहीं जा सका। शव मिलने के बाद शोकाकुल परिजनों को पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया।
चमत्कार की आस में मुंडेर पर बैठी रही मां, चाचा का दुलारा था रेहान
रेहान के जीवित मिलने की उम्मीद में उसकी मां मदीना और छोटी बहन नाज परवीन कुएं की मुंडेर पर बैठी ढांढस बंधाती रहीं। जैसे ही रेहान का शव बाहर निकला, मां और बहन दहाड़ मारकर रोने लगीं। आसपास मौजूद महिलाओं और मोहल्ले की महिलाओं ने उन्हें ढांढस बंधाया। बताया जा रहा है कि रेहान अपने भाइयों में सबसे छोटा था। पिता साबिर अली मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। रेहान कस्बे के एक स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
करीब 200 साल पुराना है कुआं
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस कुएं में बच्चा गिरा वह करीब 200 साल पुराना बताया जा रहा है। लगभग 35 साल से इसका इस्तेमाल बंद था। कुआं बस्ती से कुछ दूरी पर स्थित है। नगर पंचायत अध्यक्ष ज्ञानेंद्र गौतम ने बताया कि कुएं का लंबे समय से उपयोग में नहीं था। हादसे के बाद से ही सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फतेहपुर से उमेश चन्द्रा की रिपोर्ट
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