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निर्माण के दौरान ही दरक गया 16 करोड़ रुपये का पुल, VIDEO में देखें लापरवाही का मंजर

खनुआ नदी के चखनी घाट पर करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे एक पुल में दरारें आ गई हैं। इस लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

निर्माणाधीन पुल में आई दरारें- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT निर्माणाधीन पुल में आई दरारें

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपाररानी तहसील क्षेत्र में खनुआ नदी चखनी घाट के पास निर्माणाधीन पुल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल में दरारें आ गई हैं, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सेतु निगम और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि 01 जून को पुल के एक हिस्से का मालवा नीचे गिर गया। हालांकि, मौके पर काम कर रहे मजदूर बाल-बाल बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई।

यह पुल उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूर्व यहां आवागमन के लिए लकड़ी के पुल इस्तेमाल किया जाता था। इस समस्या को देखते हुए योगी सरकार ने यहां पक्के पुल के निर्माण के लिए भारी-भरकम धनराशि स्वीकृत की थी, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही ने इस पर पानी फेर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में शुरू से ही घटिया सामग्री और मानकों की अनदेखी की जा रही थी। कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका नतीजा अब दरार के रूप में सामने आया है।

लखनऊ और गोरखपुर से बुलाई गई विशेषज्ञों की टीम

घटना के बाद गोरखपुर और लखनऊ से विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। गोरखपुर की टीम ने मौके का निरीक्षण कर दरार वाले हिस्से की दीवार को गिराकर दोबारा निर्माण कराने की सिफारिश की है। हालांकि, सेतु निगम का कोई भी अधिकारी कैमरे के सामने बोलने को तैयार नहीं है।

उधर, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी पाई गई, तो जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसी भी प्रकार की जनहानि न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।

तकनीकी जांच के लिए त्रिस्तरीय टीम का गठन

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्लगी में बताया कि पुल के निर्माण में क्वालिटी का ध्यान नहीं रखा गया है। पुल प्रोजेक्ट का कॉस्ट कितना है और इसका कंप्लीट करने का समय क्या है, इसका हमने जवाब मांगा है। अगर इसमें मानक के विपरीत कोई कार्य हुआ होगा, तो उसकी जांच भी की जाएगी। एक त्रिस्तरीय टीम का गठन किया जा रहा है, जो तत्काल मौके पर पहुंचकर अपने स्तर से तकनीकी जांच करेगी। प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है,ताकि भविष्य में किसी भी हादसे को टाला जा सके।

(रिपोर्ट- विनोद)

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