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शुद्ध ही शुभ है... गाजियाबाद से वाराणसी तक फास्ट फूड प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 12 प्रतिष्ठान और एक फूड कोर्ट बंद

यूपी के पांच महानगरों में 180 से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई। 110 से अधिक सुधार सूचनाएं जारी की गईं। कानपुर नगर में 38 टीमों द्वारा 52 यूनिट्स का तो आगरा में 21 टीमों ने 38 यूनिट्स का निरीक्षण किया।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम जांच करते हुई- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम जांच करते हुई

उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के अंतर्गत फास्ट फूड रिटेल चेन एवं रेस्टोरेंट के विरुद्ध विशेष जांच अभियान लगातार जारी है। अभियान के तहत सोमवार को कानपुर नगर, आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज और वाराणसी में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की विशेष टीमों ने व्यापक निरीक्षण किया। गंभीर अनियमितताओं के चलते 12 प्रतिष्ठानों और एक फूड कोर्ट का लाइसेंस रद्द कर खाद्य कारोबार बंद कर दिया गया है।

खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का गंभीर उल्लंघन 

विभाग की टीमों द्वारा इन पांच जनपदों में देर शाम तक 180 से अधिक फास्ट फूड रिटेल चेन एवं रेस्टोरेंट यूनिट्स का निरीक्षण किया गया है। गंभीर कमियां पाए जाने पर 110 से अधिक सुधार सूचनाएं (Improvement Notices) जारी की गईं। वहीं, खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 12 प्रतिष्ठानों तथा एक फूड कोर्ट का लाइसेंस निलंबित करते हुए खाद्य कारोबार बंद कराया गया है। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जहां भी गंभीर कमियां पाई जा रही हैं, वहां सुधार होने तक खाद्य कारोबार संचालित नहीं होने दिया जाएगा।

यूपी के 5 जिलों में विशेष जांच अभियान

कानपुर नगर में 38 टीमों द्वारा 52 यूनिट्स का निरीक्षण किया गया। आगरा में 21 टीमों ने 38 यूनिट्स, गाजियाबाद में 36 टीमों ने 80 यूनिट्स, प्रयागराज में 15 टीमों ने 30 यूनिट्स तथा वाराणसी में 20 टीमों ने 40 यूनिट्स का निरीक्षण किया है। सभी जिलों में जांच एवं आवश्यक कार्रवाई जारी है।

कानपुर नगर में कई प्रतिष्ठानों पर गंभीर कमियां मिलीं

कानपुर नगर में निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। कानपुर के एक मॉल के फूड कोर्ट में अत्यंत खराब हाइजीन एवं सैनिटरी कंडीशन, अत्यधिक गंदगी, क्षतिग्रस्त दीवारें तथा खाद्य सामग्री फर्श पर रखे जाने की स्थिति पाई गई। इसके दृष्टिगत फूड कोर्ट में संचालित सभी 10 प्रतिष्ठानों को सुधार होने तक बंद रखने की कार्रवाई की गई। वेज एवं नॉन वेज खाद्य पदार्थों के लिए एक ही बर्तनों के इस्तेमाल तथा खराब गुणवत्ता का पनीर पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई।

आगरा में खराब ड्रेनेज और स्वच्छता व्यवस्था पर कार्रवाई

आगरा के एक रेस्टोरेंट निरीक्षण किया गया। यहां ड्रेनेज सिस्टम चोक्ड पाया गया तथा किचन एरिया में हाइजीन एवं सैनिटरी कंडीशन अत्यंत खराब मिलीं। गंभीर कमियों को देखते हुए स्वच्छता एवं हाइजीन व्यवस्था में सुधार होने तक खाद्य कारोबार बंद करने की संस्तुति की गई।

वाराणसी में कैफे और पिज्जा आउटलेट में मिलीं कमियां

वाराणसी के एक कॉफी कैफे में इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति खराब पाई गई। क्षतिग्रस्त फॉल्स सीलिंग के कारण फूड कॉन्टेमिनेशन की संभावना, स्टोरेज एरिया में अत्यधिक गंदगी तथा टॉयलेट में अस्वच्छता पाई गई।

प्रयागराज में कच्चे मीट की गुणवत्ता संदिग्ध

प्रयागराज में पीवीआर मॉल के निरीक्षण के दौरान रॉ मैटिरियल एवं कुक्ड फूड के भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं पाई गई तथा हाइजीन एवं सैनिटरी कंडीशन खराब मिलीं। नॉन वेज खाद्य पदार्थों के लिए फ्राइंग पैंस एवं कुकिंग स्टोव्स का पृथक उपयोग किया जा रहा था। हालांकि, रॉ मीट की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई। मामले में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

गाजियाबाद में भी व्यापक निरीक्षण

गाजियाबाद में 36 टीमों द्वारा 80 फास्ट फूड रिटेल चेन यूनिट्स का निरीक्षण किया गया। विभागीय टीमों द्वारा प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण एवं भंडारण की स्थिति, स्वच्छता, किचन की साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, ड्रेनेज, खाद्य पदार्थों के पृथक भंडारण तथा खाद्य कारोबार से संबंधित आवश्यक मानकों की जांच की गई। कमियां मिलने पर नियमानुसार सुधार सूचनाएं जारी की गईं तथा गंभीर मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

सुरक्षित खाद्य, स्वच्छ प्रतिष्ठान और जागरूक उपभोक्ता

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के माध्यम से खाद्य कारोबारियों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग की टीमें केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि किचन हाइजीन, सेनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, ड्रेनेज, फूड स्टोरेज, रॉ मैटिरियल क्वालिटी, वेज और नॉन वेज फूड सेग्रीगेशन तथा फूड लेबलिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों में खाद्य सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराना है। जहां कमियां सुधार योग्य हैं, वहां इंप्रूवमेंट नोटिस जारी कर सुधार का अवसर दिया जा रहा है, जबकि गंभीर एवं जनस्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा करने वाली अनियमितताओं पर खाद्य कारोबार बंद कराने और लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई की जा रही है।

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