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पहला करवा चौथ भी नसीब न हुआ, शादी के 3 महीने बाद दहेज के लिए पत्नी की हत्या, पति को उम्रकैद

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक दर्दनाक मामला सामने आया है। शादी के महज तीन महीने बाद ही मधु देवी नाम की महिला की दहेज के लिए हत्या कर दी गई थी।

Fatehpur Court- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT फतेहपुर कोर्ट

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में अतिरिक्त दहेज में सात लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर शादी के तीन माह बाद ही पत्नी की हत्या करने के सनसनीखेज मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।फास्ट ट्रैक कोर्ट-2 के न्यायाधीश अजय सिंह की अदालत ने दोषी पति रितेश कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 12 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। कोर्ट ने कहा कि मृतका को अपना पहला करवा चौथ भी नहीं मनाने दिया गया, यह गंभीर मामला है।

सरकारी अधिवक्ता की जिरह पर मिली सजा

शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला हथगाम थाना क्षेत्र का है। चकसाहब फिरोजपुर निवासी फूलकली ने अपनी बेटी मधु देवी की शादी 09 मई 2022 को गदरियापुर थाना गाजीपुर निवासी रितेश कुमार के साथ की थी। फूलकली के मुताबिक बेटी के विदा होकर ससुराल जाने के बाद से ससुराल के लोग अतिरिक्त दहेज में सात लाख रुपये की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे। 

फांसी पर झूलती मिली विवाहिता

28 जुलाई 2022 को पति रितेश समेत ससुराल के लोगो ने मधु की पिटाई करने के बाद फांसी के फंदे में लटका कर मार डाला। इस मामले में वादिनी ने मृतका के पति रितेश, सास गुड़िया, ससुर गंगाचरण, देवर राहुल और ननद अशिखा व कोमल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक ने पति रितेश के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करते हुए अन्य नामजदों को केस से बाहर कर दिया था। कोर्ट ने बाहर किए गए आरोपियों को तलब किया, जिसके खिलाफ वह हाईकोर्ट में अपील में चले गए।

पहला करवा चौथ भी न मना पाई, कोर्ट ने माना जघन्य अपराध

सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने जिरह करते हुए कहा कि मधु की शादी के तीन महीने में ही हत्या कर दी गई थी। हिन्दू धर्म मे हर लड़की की लालसा होती है पहला करवाचौथ ,वह भी पति के लंबी उम्र के लिए। जो उसकी लंबी उम्र की कामना करने वाली थी, उसी को उसने मौत के घाट उतार दिया। अधिवक्ता ने आरोपी को सख्त सजा दिए जाने की मांग की थी। जिस पर कोर्ट ने कहा कि मृतका अपना पहला करवाचौथ तक न मना पाई। इसी लिए अपराध की गंभीरता को देखते हुए उम्रकैद की सजा जरूरी है। वहीं हाईकोर्ट के स्थगन आदेश पर सास गुड़िया, ससुर गंगाचरण, देवर राहुल, ननद अशिखा और कोमल सहित पांच नामजद आरोपियों की पत्रावली को अलग कर दी गई है।

फतहेपुर से उमेश चंद्रा की रिपोर्ट

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