1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. सीधे 10 करोड़ की रंगदारी मांग ली, ये कौन सा गैंग आ गया भाई, पर पुलिस के हत्थे यूं चढ़ गया

सीधे 10 करोड़ की रंगदारी मांग ली, ये कौन सा गैंग आ गया भाई, पर पुलिस के हत्थे यूं चढ़ गया

Ghaziabad Extortion Case: गाजियाबाद में बिल्डर से 10 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले 'सुंदर भाटी गैंग' के गुर्गों को पुलिस ने गिरफ्तार लिया है। इसमें एक महिला भी शामिल थी। जानिए ये पूरा मामला क्या है।

Ghaziabad Extortion Case- India TV Hindi
Image Source : REPORTERS INPUT गाजियाबाद में बिल्डर से 10 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस का एक्शन।

Builder Extortion 10 Crore Demand: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पुलिस कमिश्नरेट की स्वॉट टीम और इंदिरापुरम पुलिस ने एक बिल्डर से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने खुद को कुख्यात सुंदर भाटी गैंग का बताकर बिल्डर और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी।

10 करोड़ नहीं देने पर दी परिवार के खात्मे की धमकी

दरअसल, बीते 11 अप्रैल 2026 को शिकायतकर्ता अर्पित गुप्ता, जो नोएडा में प्रॉपर्टी का काम करते हैं, ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल और मैसेज के जरिए उनसे 10 करोड़ रुपये की मांग की जा रही है। रंगदारी न देने पर उनके बच्चों और परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई। स्वॉट टीम की जांच में तथ्य सही पाए जाने पर थाना इंदिरापुरम में मुकदमा दर्ज किया गया।

साथ काम कर चुके लोगों ने ही रची साजिश

पूछताछ में सामने आया कि मुख्य अभियुक्त रविंद्र उर्फ रोबिन पिछले 3 साल से अर्पित गुप्ता को जानता था और उनके साथ प्रॉपर्टी का काम कर चुका था। रोबिन ने ही अपनी दोस्त सविता उर्फ सवी चौधरी को अर्पित के ऑफिस में नौकरी दिलवाई थी। करीब 10 दिन पहले जब अर्पित ने सवी को नौकरी से निकाला, तो सवी ने रोबिन को बताया कि अर्पित आजकल बहुत पैसा कमा रहा है। इसके बाद रोबिन, सवी और रोबिन के मौसेरे भाई तुषार बैसौया ने मिलकर रंगदारी वसूलने की साजिश रची।

पुलिस को चकमा देने के लिए लगाई जुगत

अभियुक्तों ने पुलिस को चकमा देने के लिए किसी दूसरे की आईडी पर सिम कार्ड और एक पुराना रेडमी मोबाइल फोन खरीदा था। आरोपी हर बार अलग-अलग जगहों पर जाकर कॉल करते थे ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न हो सके। रोबिन पहले से साथ काम करने के कारण अर्पित की पूरी पारिवारिक जानकारी रखता था, जिसका इस्तेमाल उसने डराने के लिए किया।

सुंदर भाटी गैंग की वास्तविक भूमिका पर सवाल

मुखबिर की सूचना और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने तीनों को वेव सिटी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से घटना में प्रयुक्त रेडमी फोन और 4 अन्य मोबाइल बरामद हुए हैं। पुलिस अब इस मामले में सुंदर भाटी गैंग की वास्तविक भूमिका और मोबाइल उपलब्ध कराने वाले अंश मित्तल की जांच कर रही है। इस मामले का खुलासा करने वाली टीम को अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय/अपराध) ने 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।

गाजियाबाद के डीसीपी सिटी जोन धवल जायसवाल ने कहा कि थाना इंदिरापुरम में एक एफआईआर रजिस्टर की गई थी, जिसमें वहां के एक स्थानीय व्यक्ति के द्वारा यह शिकायत दर्ज कराई गई थी कि कुछ व्यक्तियों के द्वारा उससे 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है। इसके खुलासे के लिए स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच को लगाया गया था, जिसने सराहनीय कार्य करते हुए आज इसमें तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने इनसे रंगदारी मांगने का प्रयास किया था।

(इनपुट- जुबेर अख्तर)

ये भी पढ़ें- यूपी में पुलिस विभाग की बड़ी लापरवाही! छुट्टी पर गए 48 पुलिसकर्मियों को दे दी एक महीने की अतिरिक्त सैलरी