1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. यूपी में पुलिस विभाग की बड़ी लापरवाही! छुट्टी पर गए 48 पुलिसकर्मियों को दे दी एक महीने की अतिरिक्त सैलरी

यूपी में पुलिस विभाग की बड़ी लापरवाही! छुट्टी पर गए 48 पुलिसकर्मियों को दे दी एक महीने की अतिरिक्त सैलरी

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Apr 15, 2026 03:56 pm IST,  Updated : Apr 15, 2026 03:56 pm IST

Kanpur Police Extra Salary Issue: यह घटना पुलिस विभाग की आंतरिक लेखा प्रणाली में लापरवाही और संभावित मिलीभगत की ओर इशारा करती है। अतिरिक्त मानदेय का उद्देश्य सप्ताहांत ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करना है, लेकिन नियमों की अनदेखी से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा है।

UP Police negligence case- India TV Hindi
कानपुर में पुलिसकर्मियों को बिना ड्यूटी के सैलरी मिलने के मामले में एक्शन हुआ है। Image Source : ANI (प्रतीकात्मक फोटो)

UP Police Negligence Case: यूपी के कानपुर पुलिस विभाग में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है, जहां 48 पुलिसकर्मियों को नियमों के विरुद्ध अतिरिक्त वेतन दिए गया। हालांकि, अब इस मामले में कार्रवाई की गई है। इस केस में 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। दरअसल, पुलिस विभाग में अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलने वाले एक महीने के अतिरिक्त वेतन में गड़बड़ी पाई गई। जांच में सामने आया कि लंबी छुट्टी पर गए 48 पुलिसकर्मियों को भी नियमों के खिलाफ अतिरिक्त वेतन जारी कर दिया गया था। मामला सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गलत तरीके से दिए गए वेतन की वसूली कर ली है।

लापरवाही के लिए जिम्मेदारों पर गाज

साथ ही, इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी गाज गिरी है। कार्रवाई के तहत एक कांस्टेबल, एक हेड कांस्टेबल और दो ASI रैंक के अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जिसमें आगे और कार्रवाई संभव है।

छुट्टी पर गए पुलिसकर्मियों को दिया अतिरिक्त वेतन

इस मामले पर ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (क्राइम एवं हेडक्वार्टर) संकल्प शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अराजपत्रित पुलिसकर्मियों को हर महीने के दूसरे शनिवार और रविवार को ड्यूटी करने के एवज में एक माह का अतिरिक्त मानदेय दिया जाता है। नियम यह है कि यदि कोई पुलिसकर्मी इस अवधि में अवकाश लेता है तो उतने दिनों के मानदेय में कटौती कर दी जाती है। लेकिन जांच में यह खुलासा हुआ कि वित्तीय वर्ष के दौरान कई पुलिसकर्मियों के अवकाश वाले दिनों की कटौती नहीं की गई और उन्हें पूरा अतिरिक्त मानदेय दे दिया गया।

चार पुलिसकर्मियों को कर दिया सस्पेंड

इस अनियमितता की जिम्मेदारी अकाउंट विभाग के मिनिस्ट्रियल स्टाफ पर तय की गई। मामले में चार लिपिकों दरोगा भूपेंद्र कुमार सिंह, दरोगा पवन कुमार गुप्ता, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार और कांस्टेबल हरिशंकर की लापरवाही सामने आई। रिपोर्ट ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर को सौंपे जाने के बाद इन चारों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।

मानदेय वितरण की होगी विस्तृत जांच

पुलिस कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे कमिश्नरेट में दिए जा रहे सभी मानदेयों की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सभी जोनों के डीसीपी, क्राइम ब्रांच, एडीसीपी, एसीपी और थाना स्तर पर मानदेय वितरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के अंदर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

पुलिस प्रशासन का यह कदम विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक माना जा रहा है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले की जांच पूरी होने के बाद यदि कोई और अनियमितता सामने आती है तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(इनपुट- अनुराग श्रीवास्तव)

ये भी पढ़ें- नोएडा में फैक्ट्री लेबर विवाद पर हालात सामान्य, 7 पर FIR दर्ज, कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने की शांति की अपील

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।