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'भारत को UNSC का स्थायी सदस्य होना ही चाहिए', 4 यूरोपीय देशों ने किया जोरदार समर्थन

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Sep 22, 2026 10:42 am IST,  Updated : Sep 22, 2026 10:42 am IST

UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को V4 समूह के 4 यूरोपीय देशों पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य का समर्थन मिला है। न्यूयॉर्क में पहली V4+India बैठक में व्यापार, तकनीक, रक्षा और शिक्षा समेत सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

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न्यूयॉर्क में V4+इंडिया के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। Image Source : X@DRSJAISHANKAR

Highlights

  • UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन में पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य साथ आए।
  • स्लोवाकिया के विदेश मंत्री बोले, 'भारत को संयुक्त राष्ट्र की फैसले लेने वाली टेबल पर होना चाहिए।'
  • भारत और V4 देशों ने व्यापार, तकनीक, रक्षा और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी कि UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को 4 यूरोपीय देशों का समर्थन मिला है। वाइसेग्राड ग्रुप (V4) में शामिल पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने भारत को UNSC का स्थायी सदस्य बनाए जाने का समर्थन किया है। स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र के सबसे अहम फैसले लेने वाले मंच पर स्थायी सदस्य के रूप में होना चाहिए। बता दें कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने UNGA में भी जोरदार भाषण दिया है

‘भारत को UNSC की टेबल पर होना चाहिए’

यह बात सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र से इतर हुई पहली V4+इंडिया विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद सामने आई। बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ V4 के चारों देशों के विदेश मंत्री शामिल हुए। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करते हुए कहा,

'हम सभी V4 देशों की इस बात पर सहमति है कि भारत, ग्लोबल साउथ के एक देश और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की उभरती महाशक्ति के रूप में, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के तौर पर टेबल पर होना चाहिए।'

V4 में पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य शामिल हैं। मौजूदा बैठक स्लोवाकिया की अध्यक्षता में हुई।

पहली V4+इंडिया बैठक में क्या-क्या हुआ?

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में भारत और V4 देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। मंत्रियों ने भारत और चारों यूरोपीय देशों के बीच पहले से मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को भी रेखांकित किया। साथ ही, V4+India प्रारूप को मौजूदा द्विपक्षीय रिश्तों के साथ जोड़कर सहयोग को और गति देने पर सहमति बनी। बैठक में व्यापार और निवेश, तकनीक और इनोवेशन, मजबूत सप्लाई चेन, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी, शिक्षा, लोगों की आवाजाही और आपसी संपर्क जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

वैश्विक मुद्दों पर भी साझा किए गए विचार

भारत और V4 देशों के कारोबारियों, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और दूसरे संबंधित पक्षों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा वैश्विक मुद्दों पर भी मंत्रियों ने अपने विचार साझा किए। इसमें क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, शांति और सुरक्षा, बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे शामिल रहे। बैठक के दौरान ग्लोबल साउथ के सामने मौजूद मौजूदा चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।

जयशंकर ने बताया, किन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग

बैठक के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर V4+India प्रारूप में सहयोग के क्षेत्रों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी, रक्षा, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर सहमति जताई है। जयशंकर के मुताबिक, विदेश मंत्रियों की हर साल बैठक होगी और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए 'अनुअल बिजनेस फोरम' शुरू किया जाएगा। इसके अलावा तकनीक, इनोवेशन, रिसर्च और शिक्षा में साझेदारी मजबूत की जाएगी।

भारत-V4 संबंधों के लिए नई शुरुआत

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पहली V4+इंडिया बैठक विदेश मंत्री स्तर पर भारत और वाइसेग्राड ग्रुप के बीच संबंधों को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक अहम कदम है। मंत्रालय के मुताबिक, यह प्रारूप बातचीत और सहयोग के लिए एक अतिरिक्त मंच उपलब्ध कराता है और V4 देशों के साथ भारत के लंबे समय से चले आ रहे मजबूत संबंधों को आगे बढ़ाता है। जयशंकर ने भी बैठक को एक 'नया ऐतिहासिक अवसर' बताया और स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार को इस बैठक के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

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