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'गोरखपुर थप्पड़ कांड' से पूर्वांचल में बिगड़ सकता है सपा का सियासी खेल! संजय निषाद ने अखिलेश को दी चेतावनी, समजिए पूरा माजरा

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अखिलेश यादव अपने PDA को संभालने में जुटे हैं, लेकिन इस बीच गोरखपुर के थप्पड़कांड में पिछड़े निषाद समाज से आने वाले सपा के नेता ही पीट दिए गए। इसको लेकर अब मंत्री संजय निषाद ने सपा मुख्यालय घेराव की चेतावनी दी है।

Gorakhpur slap controversy- India TV Hindi
Image Source : PTI (फाइल फोटो) अखिलेश यादव को भारी पड़ सकता है 'गोरखपुर थप्पड़ कांड'।

यूपी चुनाव के रुझान आने लगे हैं। समाजवादी पार्टी में थप्पड़ चलने लगे हैं। सपा के लिए सत्ता अभी दूर है, लेकिन कुर्सी के लिए अभी से मारामारी शुरू हो गई है। गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चांटा चला तो गूंज लखनऊ तक सुनाई पड़ी। पहले चांटा मारने वाले कमलेश सिंह और उनके पिता अंशुमान सिंह को पार्टी से निकाला गया। फिर गोरखपुर सपा जिलाध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी, गोरखपुर समाजवादी पार्टी महानगर अध्यक्ष समेत पूरी महानगर कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया। बात थप्पड़ से शुरू हुई थी और जाति तक पहुंच गई। गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी, जिनको थप्पड़ मारा गया, वो निषाद जाति के हैं, इसलिए निषाद पार्टी के संजय निषाद मैदान में आ गए।

संजय निषाद ने दी सपा मुख्यालय के घेराव की चेतावनी

मंत्री संजय निषाद ने अखिलेश यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि मैं कल तक समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को समय दे रहा हूं कि मेरे समाज का जो अपमान हुआ है और ये जो कृत्य किया गया है वो निंदनीय है। अगर उस दबंग नेता के खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज कराते हैं और उसकी भर्त्सना नहीं करते हैं तो परसों हम समाजवादी पार्टी कार्यालय पर पूरे देश-प्रदेश के लोग आएंगे और घेराव करेंगे। ये अपमान नगीना साहनी का अपमान नहीं, ये निषादराज के वंशजों का अपमान है।

2024 के चुनाव में सपा ने उतारे थे 4 निषाद उम्मीदवार

गौरतलब है कि अखिलेश यादव, निषाद समाज के लोगों को बड़ी मुश्किल से अपनी तरफ लाने का जुगाड़ भिड़ा रहे थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 4 निषाद कैंडिडेट उतारे थे। सुल्तानपुर से रामभुआल निषाद, संतकबीर नगर से पप्पू निषाद, गोरखपुर से काजल निषाद और मिर्जापुर से रमेश बिंद। इनमें से रामभुआल निषाद और पप्पू निषाद सांसद भी बने।

अखिलेश का गेम बिगाड़ सकता है थप्पड़ कांड

लेकिन गोरखपुर चांटा कांड अब अखिलेश यादव का गेम बिगाड़ सकता है। पूर्वांचल में निषाद वोटर मायने रखता है। समाजवादी पार्टी में निषाद पर थप्पड़ चल रहा है। अगर आगे चलकर लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर घेराव होता है तो यह मुद्दा पूरे प्रदेश में असर दिखा सकता है।

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