उत्तर प्रदेश के मेरठ के अमित मर्डर केस में पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप पर दोष सिद्ध हो गया है। कोर्ट ने माना कि रविता और उसके प्रेमी ने मिलकर अमित को मौत दी। अमित की गला घोंटकर हत्या के बाद पत्नी रविता ने सर्पदंश का नाटक रचा। रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने सपेरों से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। अमित को मारने के बाद उसके नीचे सांप रख दिया, ताकि परिवार मौत का कारण सांप का काटना मान लें। रविता के प्रेम-प्रसंग की जानकारी मृतक के परिवार को थी। अमित की मां ने रविता और अमरदीप के लिए फांसी की मांग की है। सीजीएम 12 की अदालत ने दोनों को अमित मर्डर का आरोपी माना है, 16 अक्टूबर 2026 को सजा सुनाई जाएगी।
अप्रैल 2025 में अमित कश्यप की हत्या हुई थी
इस हत्याकांड में चौंकाने वाली बात यह रही कि गला दबाकर हत्या के बाद पूरे घटना को बदलते हुए सर्पदंश दिखाने का प्रयास किया गया। पत्नी रविता ने प्रेमी के साथ मिलकर अमित के शव के नीचे सांप रख दिया, ताकि लोगों को लगे की उसकी मौत जहरीले सांप के काटने से हुई होगी। अमित के परिवार को रविता और अमरदीप पर शक था, उन्हें भरोसा नही हो रहा था कि सांप ने अमित को काटा है। चारपाई पर अमित के नीचे दबा सांप चादर के अंदर ही था और वह काट कर वहां से भागा नही, परिस्थितियां भी संदिग्ध लग रही थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो रिपोर्ट में पूरी कहानी ही पलट गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत सांप के जहर से नहीं, बल्कि दम घुटने के कारण होने की पुष्टि हुई।
शव के पास मिला सांप, लेकिन पोस्टमार्टम ने खोला राज
अभियोजन के अनुसार 12 अप्रैल 2025 को अमित घर में मृत मिला था। परिजनों ने उसके शव के पास सांप देखा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सांप को पकड़कर डिब्बे में बंद कर दिया। अमित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला संदिग्ध हो गया। मौत सर्पदंश से न होकर दम घुटने से होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने जांच का रुख हत्या की तरफ पूरी तरह से मुड़ गया। हालांकि अमित की मां को पहले ही रविता और उसके प्रेमी पर शक था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।
पत्नी और पड़ोसी के रिश्ते पर जांच की सुई
पुलिस की जांच में पता चला कि अमित और अमरदीप दोनों एक साथ टाइल्स लगाने का काम करते थे और पड़ोसी भी थे। रविता और पड़ोसी अमरदीप के बीच आंतरिक प्रेम संबंध हो गए। अमरदीप का अमित के घर आना-जाना था, अमित की मांं ने दोनों को एक साथ कई बार देखा भी था। अभियोजन का आरोप था कि दोनों ने मिलकर अमित की हत्या की साजिश रची और वारदात के बाद उसे सर्पदंश का रूप देने की कोशिश की। जांच के दौरान पुलिस ने उस सपेरे से भी पूछताछ की, जिसने उन्हें 1000 रूपये में धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर विष रहित सांप उपलब्ध करवाया था। विवेचना में उसे सरकारी गवाह बनाया गया।
अदालत में चली लंबी सुनवाई
मामले की सुनवाई अपर जिला जज कोर्ट 12 में हुई। अभियोजन पक्ष ने हत्या की साजिश, हत्या और वारदात को सर्पदंश का रूप देने के आरोपों को साबित करने के लिए अदालत के सामने साक्ष्य रखे। बचाव पक्ष की दलीलें भी पूरी हो चुकी थीं। बुधवार में मेरठ अदालत ने रविता और अमरदीप को अमित की हत्या का दोषी करार दे दिया। हालांकि अदालत ने अभी सजा नहीं सुनाई है। दोनों की सजा पर 16 अक्टूबर को फैसला होगा।
अमित की मां ने दोनों हत्यारोपियों के लिए मांगी फांसी
दोषसिद्धि के बाद अब अमित के परिजनों की नजर 16 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर है। अमित की मां ने रोते हुए कहा कि वह अपने बेटे के हत्यारी पत्नी और उसके प्रेमी के लिए फांसी की मांग करती है, आज कोर्ट के फैसले से दिल को कुछ राहत तो मिली है, लेकिन कलेजे को असली ठंडक दोनों को फांसी पर चढ़ते हुए देखकर होगी। अमित की मां मुनेश का कहना है कि वह सजा के लिए ऊपरी अदालत तक लड़ाई लड़ेगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत दोषी करार दिए गए दोनों आरोपियों को क्या सजा सुनाती है।
यह भी पढ़ें
VIDEO: 24 घंटे में उखड़ी नई सड़क! विधायक की मौजूदगी में ग्रामीणों ने हाथ से चादर की तरह उठाया, DM का भी आया बयान
सपा विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट से करवरिया बंधुओं को बड़ा झटका