उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में NEET परीक्षा पास नहीं कर पाने की आशंका और दोबारा असफल होने के डर से 18 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा ने अपने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम इलाके की है। मृतका की पहचान ऋतु शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मृतक छात्रा ने लिखा कि "मैं कभी NEET की परीक्षा पास नहीं कर सकूंगी, मुझे माफ कर देना"। सुसाइड नोट पढ़ कर परिवार वालों के होश उड़ गए। बच्ची का खून से लथपथ शव देख कर मातम पसर गया।
पहले भी दे चुकी थी NEET की परीक्षा
पुलिस उपायुक्त (नगर) सागर जैन के मुताबिक, ऋतु शर्मा पहले भी NEET की परीक्षा दे चुकी थी, लेकिन उसमें सफल नहीं हो पाई थी। इसके बाद वह दोबारा परीक्षा की तैयारी कर रही थी। तीसरे चरण के काउंसिलिंग में उसका चयन भी हो गया था। उसके पिता देवराज शर्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) में इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हैं।
परिजनों में कमरे में जाकर देखा तो पड़ा था शव
परिजनों ने पुलिस को बताया कि ऋतु देर रात तक पढ़ाई करती थी। वह सुबह करीब चार से पांच बजे तक पढ़ती थी और इसके बाद सोने चली जाती थी। आमतौर पर वह दोपहर ढाई बजे तक उठ जाती थी। सोमवार को जब वह दोपहर तीन बजे तक अपने कमरे से बाहर नहीं आई तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो वहां ऋतु का शव पड़ा मिला। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद
पुलिस के मुताबिक, छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें उसने लिखा था, ''मैं कभी NEET की परीक्षा पास नहीं कर सकूंगी, मुझे माफ कर देना।'' शुरुआती जानकारी में परीक्षा में असफल होने का डर घटना की वजह माना जा रहा है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घटनास्थल से सबूत जुटाकर मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घर में परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। बता दें कि इसके पहले भी कई ऐसे मामले आ चुके हैं, जिसमें नीट की तैयारी करने वाले छात्र और छात्राओं ने अपनी जीवन समाप्त कर लिया। (भाषा के इनपुट के साथ)
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