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यूपी चुनाव से पहले BJP ने उपचुनाव में किया क्लीन स्वीप, कांग्रेस को मिले सिर्फ 56 वोट, सपा प्रत्याशी का हुआ ऐसा हाल

बिठूर नगर पंचायत के चेयरमैन पद के उपचुनाव में बीजेपी ने ऐसा दमदार प्रदर्शन किया कि विपक्ष की हालत खराब हो गई। बीजेपी प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह ने 4210 वोट लेकर 2483 के भारी अंतर से जीत हासिल की। कांग्रेस उम्मीदवार प्रदीप द्विवेदी को महज 56 वोट ही मिले।

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Image Source : REPORTER INPUT बिठूर उपचुनाव में भाजपा के समरेंद्र सिंह राणा को मिली जीत।

कानपुर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बिठूर नगर पंचायत के चेयरमैन पद का उपचुनाव भाजपा के लिए सियासी बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह ने 2483 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर विपक्षी दलों को पीछे छोड़ दिया। इस मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप द्विवेदी को महज 56 वोट मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी उर्फ विभु 1727 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। बता दें कि आदर्श को समाजवादी पार्टी ने अपना समर्थन दिया था जो कि इस नगर पंचायत की सीट से रनरअप रहे। हालांकि, नगर पंचायत के इस उपचुनाव के नतीजे को पूरे प्रदेश के राजनीतिक रुझान का संकेत मानने से पहले स्थानीय समीकरणों को भी ध्यान में रखना होगा।

BJP की जीत, विपक्ष के प्रदर्शन पर उठे सवाल

बिठूर में भाजपा प्रत्याशी को कुल 4210 वोट मिले। मतगणना के पहले राउंड से ही राणा समरेंद्र सिंह ने बढ़त बना ली थी, जो हर राउंड के साथ बढ़ती गई। मतों की गिनती कुल 10 वार्डों से होनी थी। चौथे राउंड तक भाजपा प्रत्याशी 2248 वोटों से आगे थे। अंतिम नतीजे में यह अंतर 2483 वोट पहुंच गया। दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी 56 वोटों पर सिमट गए। नतीजों ने स्थानीय स्तर पर विपक्षी दलों के प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए हैं।

विधानसभा चुनाव से पहले BJP को मिला मनोबल

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले स्थानीय निकाय के इस उपचुनाव में भाजपा की जीत पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाली है। पार्टी इसे अपने समर्थन और संगठनात्मक मजबूती के तौर पर पेश कर सकती है। वहीं, विपक्ष के लिए यह नतीजा स्थानीय स्तर पर अपनी रणनीति और जनसंपर्क की समीक्षा करने का मौका है। हालांकि, चेयरमैन पद का यह चुनाव सीमित क्षेत्र में हुआ है, इसलिए इसके आधार पर प्रदेशव्यापी राजनीतिक तस्वीर का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

मां के निधन के बाद खाली हुई थी चेयरमैन की सीट

बिठूर नगर पंचायत की चेयरमैन डॉ. निर्मला सिंह लगातार पांच बार इस पद पर जीत दर्ज कर चुकी थीं। जून 2026 में उनके निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी। शेष कार्यकाल के करीब 13 महीने के लिए उपचुनाव कराया गया। राणा समरेंद्र सिंह की जीत के साथ इस सीट पर परिवार का कब्जा बरकरार रहा। इस लिहाज से परिणाम भाजपा के लिए राजनीतिक जीत के साथ पारिवारिक विरासत कायम रखने का भी मामला है।

उपचुनाव में 6193 मतदाताओं ने किया मतदान

बिठूर नगर पंचायत के चेयरमैन पद के लिए 13 अक्टूबर को मतदान हुआ था। कुल 9474 मतदाताओं में से 6193 ने वोट डाले। गुरुवार सुबह आठ बजे नगर पंचायत भवन में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू हुई। भाजपा प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह को 4210, निर्दलीय आदर्श द्विवेदी उर्फ विभु को 1727 और कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप द्विवेदी को 56 वोट मिले। अंतिम नतीजे के साथ भाजपा ने चेयरमैन की कुर्सी पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के भाई है समरेंद्र

बता दें कि कानपुर देहात लोकसभा सीट की बिठूर विधानसभा से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के भाई है राणा समरेंद्र सिंह। अभिजीत सिंह सांगा कानपुर के चर्चित व फायरब्रांड नेताओ में गिने जाते हैं। इस विधानसभा सीट में सांगा का प्रभाव इसलिए भी माना जाता है क्योंकि वो कई वर्षों तक कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं और कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन करने पर उन्हें विधायकी का टिकट मिला था। इस सीट से अभिजीत सिंह सांगा लगातार 2 बार से भाजपा विधायक हैं। 

वहीं, हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने वालीं पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक पार्टी 'जन नीति भारत' की घोषणा की। साथ ही 2027 में यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया है।

(रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव)

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