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कोर्ट में मुंह छुपाती रही करोड़पति कारोबारी की बहू, बोली- कैमरे रोकिए; अब शक के घेरे में क्यों है विनीत मिनोचा का बेटा सुब्रत?

कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्यारोपी बहू कोर्ट में पेशी के दौरान चेहरा छिपाती नजर आई। इस दौरान शालू से मिलने उसके भाई और बहन भी कोर्ट पहुंचे। उधर, विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत पर भी शक का फंदा लगातार कसता जा रहा है।

कोर्ट में दुपट्टे से...- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT कोर्ट में दुपट्टे से मुंह छिपाती रही शालू।

कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बुधवार को आरोपी बहु शालू, विशाल गौतम और राजकिशोर को कोर्ट में पेश किया गया। सुबह करीब 10:30 बजे पुलिस तीनों को सीजेएम प्रदीप कुमार शुक्ला की अदालत लेकर पहुंची। इस दौरान कोर्ट में मीडिया भी मौजूद थी जिसके कैमरों के सामने पेशी के दौरान शालू लगातार दुपट्टे से अपना चेहरा ढकती रही। मीडिया के कैमरे सामने आते ही उसने पुलिसकर्मियों से उन्हें रोकने के लिए कहा। इसी दौरान शालू से मिलने उसके भाई और बहन भी कोर्ट पहुंचे।

पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ के लिए 24 घंटे की कस्टडी रिमांड मांगी है। विवेचक ने कोर्ट में बताया कि विनीत मिनोचा के फ्लैट से जुड़ी चाबियों की बरामदगी अभी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक फ्लैट की कुल चार चाबियां थीं। इनमें से दो चाबियों के संबंध में पड़ताल और बरामदगी की जानी है। इसके अलावा परेड चौराहे पर आरोपियों की ओर से बनवाई गई डुप्लीकेट चाबी को भी बरामद करना है।

सुब्रत पर क्यों गहाराया शक?

वहीं, कारोबारी के बेटे सुब्रत पर शक का फंदा लगातार कसता जा रहा है। फिर चाहे वो विनीत के कत्ल के बाद सुब्रत के व्यवहार की बात हो या फिर 24 घंटे मास्टरमाइंड बीवी के साथ रह कर भी अनजान बने रहने की बात, पुलिस को इस हत्याकांड में बेटे सुब्रत पर शक कुछ ज्यादा ही है। पुलिस ने आरोपियों की कस्टडी रिमांड के साथ सुब्रत की भी क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए रिमांड मांगी है। हालांकि बुधवार को इस अर्जी पर अंतिम सुनवाई नहीं हो सकी। अब मामले में अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी। इससे पहले कल्याणपुर इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी ने मंगलवार को रिमांड के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

हत्या की रात 48 मिनट तक अपार्टमेंट में घूमते रहे विशाल, राजकिशोर

पुलिस की जांच में कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्या से पहले आरोपियों की गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार की गई है। पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर की रात सोसाइटी में पहुंचने के बाद विशाल और राजकिशोर करीब 48 मिनट तक अपार्टमेंट परिसर में घूमते रहे। इस दौरान दोनों के बीच मोबाइल पर तीन बार बातचीत भी हुई।

Image Source : reporter inputमृतक की बहू समेत तीनों आरोपी।

पुलिस का कहना है कि इसी दौरान दोनों ने वारदात को अंजाम देने की योजना और फ्लैट में दाखिल होने के तरीके पर बातचीत की। जांच के मुताबिक, रात 8:46 बजे विशाल और राजकिशोर शालू के कहने पर गजरा लेकर पहुंचे थे। रात 9:38 बजे दोनों अपार्टमेंट में दाखिल हुए। करीब 9:50 बजे शालू को सामान देने के बाद दोनों कुछ देर परिसर में घूमते रहे। इसके बाद रात करीब 10:38 बजे दोनों डुप्लीकेट चाबी से विनीत के फ्लैट में दाखिल हुए। करीब 20 मिनट बाद रात 10:58 बजे विनीत अपने घर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, उन्हें शालू के कमरे से आहट सुनाई दी। कमरे में पहुंचने पर दोनों आरोपी वहां छिपे मिले। इसके बाद उनके बीच संघर्ष हुआ।

पुलिस के अनुसार, रात करीब 11:28 बजे विशाल और राजकिशोर फ्लैट से बाहर निकलते सीसीटीवी में कैद हुए। जांच टीम अब इस पूरी टाइमलाइन का मिलान कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में सामने आई जानकारी से कर रही है।

पहले एक आरोपी के अंदर जाने की थी योजना

पुलिस की पूछताछ में सामने आने की बात कही गई है कि शुरुआत में योजना एक आरोपी के फ्लैट के अंदर जाने और दूसरे के बाहर रहकर निगरानी करने की थी। हालांकि पुलिस के मुताबिक, विनीत के मजबूत शरीर को देखते हुए दोनों ने साथ अंदर जाने का फैसला किया। जांच टीम ने विशाल, शालू और राजकिशोर के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली है। इसके अलावा जेल में आरोपियों से पूछताछ कर वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस का कहना है कि इन जानकारियों से हत्या से पहले आरोपियों के संपर्क और गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली है।

हत्या से 2 दिन पहले खरीदा नया सिम

पुलिस के मुताबिक, विशाल ने हत्या से दो दिन पहले 3 सितंबर को नया सिम खरीदा था। पुलिस के अनुसार, नया सिम लेने के लिए उसने शिवम नाम के आधार कार्ड को पहचान पत्र के तौर पर इस्तेमाल किया। पुलिस के मुताबिक, 3 से 6 सितंबर के बीच विशाल ने शालू से सात और सुब्रत से छह बार फोन पर बातचीत की। वहीं, 1 मई से 6 सितंबर के बीच विशाल और राजकिशोर के बीच 21 बार फोन पर बातचीत होने की बात कॉल डिटेल में सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद 6 सितंबर की सुबह 7:57 बजे विशाल ने नया सिम बंद कर दिया। इसके बाद उसने दूसरे नंबर से उबर कैब बुक की। रात 11:38 बजे उसने मीरपुर कैंट निवासी अपने दोस्त नैतिक वर्मा उर्फ किशन को फोन किया। पुलिस इस बातचीत और वारदात के बाद विशाल की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

किटी पार्टी की 4 घंटे की रिकॉर्डिंग पुलिस के कब्जे में

जांच के दौरान पुलिस ने तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में हुई कपल किटी पार्टी की करीब चार घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कब्जे में ली है। पुलिस इस फुटेज को घटना की टाइमलाइन से जोड़कर देख रही है। पुलिस के मुताबिक, जिस समय विनीत मिनोचा की हत्या हुई, उस दौरान शालू और उसका पति सुब्रत पार्टी में मौजूद थे और डांस कर रहे थे। अब पुलिस पार्टी की रिकॉर्डिंग, वहां मौजूद लोगों और घटना के समय की गतिविधियों का मिलान अपनी जांच में कर रही है।

वसीयत भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान पुलिस को विनीत मिनोचा की पत्नी पुनीता मिनोचा की जून 2022 में तैयार की गई वसीयत का दस्तावेज भी रजिस्ट्री कार्यालय से मिला है। पुलिस इस दस्तावेज की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वसीयत में संपत्ति किसके नाम की गई थी। पुलिस इस दस्तावेज को भी हत्या के पीछे संभावित वजहों की पड़ताल के हिस्से के तौर पर देख रही है। हालांकि वसीयत और हत्या के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि अभी जांच का विषय है।

5 सितंबर को फ्लैट में हुई थी कारोबारी की हत्या

दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की 5 सितंबर को उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में शालू, नौकर विशाल गौतम और राजकिशोर को आरोपी बनाया है। पुलिस का आरोप है कि हत्या की साजिश शालू ने रची और नौकर विशाल से कारोबारी की हत्या कराई गई। अब पुलिस तीनों आरोपियों की कस्टडी रिमांड लेकर पूछताछ करना चाहती है। चाबियों की बरामदगी, डुप्लीकेट चाबी तैयार कराने की प्रक्रिया, वारदात से पहले की गतिविधियों और हत्या के बाद आरोपियों के संपर्क की कड़ियों को पुलिस अपनी जांच का अहम हिस्सा मान रही है। 19 सितंबर को होने वाली सुनवाई में पुलिस की रिमांड अर्जी पर आगे की कार्रवाई होगी।

वहीं, इस हत्याकांड के 5 दिन बाद शालू का परिवार सामने आया था। भाई-बहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शालू को बेगुनाह बताया था। उन्होंने कहा कि ‘जो चींटी मारने से डरती थी, वो ससुर की हत्या कैसे कर सकती है?'

(रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव)

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